Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 विपक्ष छात्रों की पिटाई मामले पर बहस के लिए अड़ा
0 विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 4 बार स्थगित

नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया गया। हालांकि विपक्ष के हंगामे की वजह से पहले दिन चर्चा नहीं हो पाई। विपक्ष छात्रों पर नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के मामले पर बहस के लिए अड़ा रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार दोपहर 12 बजे चर्चा शुरू हो सकती है।

कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही दिन में 4 बार स्थगित हुई। जब भी कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, सपा के सांसद गर्भगृह में बैनर लेकर पहुंच जाते और नारेबाजी करने लगते।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बिल पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्षी सांसद सहमति बनाकर आएं। इसके बाद बिरला ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कार्मिक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्षी दलों के हंगामे के बीच विधेयक पेश किया। इसमें दोषियों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने, संपत्ति जब्ती, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों, समयबद्ध जांच और सुनवाई सहित कई नए सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। इन्हें रोकने और दोषियों के खिलाफ शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानून को और मजबूत बनाया जा रहा है। विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में संशोधन का प्रस्ताव करता है।

संशोधन विधेयक के तहत सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष त्वरित निपटान न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अधिसूचित करने का अधिकार है। अदालतों में मामलों की सुनवाई दिन- प्रतिदिन के आधार पर होगी और आरोपपत्र दाखिल होने से तीन महीने में मामले का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय में दायर अपीलों का भी तीन महीने के भीतर निस्तारण करने का प्रावधान है।

विधेयक केंद्र सरकार को आवश्यकता पड़ने पर किसी मामले की जांच के लिए विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) गठित करने की शक्ति भी देता है। इसके अलावा कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए एक या अधिक विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का अधिकार भी दिया जाएगा।

विधेयक में संगठित तरीके से पेपर लीक, परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कराने या ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों के लिए सजा बढ़ाकर दो वर्ष से 10 वर्ष तक का कारावास तथा एक करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना करने का प्रस्ताव है। अदालत भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त दंड भी दे सकेगी।

विधेयक के प्रावधानों में कहा गया है कि यदि कोई सेवा प्रदाता संस्था, एजेंसी या कंपनी इस प्रकार के अपराध में शामिल पाई जाती है तो उस पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा आयोजित करने में आई वास्तविक लागत की वसूली भी संबंधित सेवा प्रदाता से की जाएगी और उसे चार वर्ष तक किसी भी परीक्षा से जुड़े कार्यों से प्रतिबंधित किया जा सकेगा।

यदि किसी सेवा प्रदाता संस्था के निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधन, अधिकारी, कर्मचारी या उनसे जुड़े अन्य जिम्मेदार व्यक्ति अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी दो से 10 वर्ष तक के कारावास तथा एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना होगा।

विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि परीक्षा प्राधिकरण, उससे संबद्ध किसी संस्था या किसी संगठित समूह द्वारा अपराध किया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों पर भी पांच वर्ष से 10 वर्ष तक की कैद और एक करोड़ रुपये से कम नहीं के जुर्माने जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकेगी। संशोधन के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि अपराध से प्राप्त आर्थिक लाभ पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, एनडीए सांसदों ने स्वागत किया
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बाहर संसद पहुंचे। एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के अंदर तक ले गए। सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था।

2024 में बने कानून में बदलाव होंगे, सजा-जुर्माना दोनों बढ़ेंगे
0 केंद्र सरकार 2024 में बने कानून में बदलाव के लिए संशोधन बिल लेकर आई है।
0 इसमें पेपर लीक के आरोपियों के लिए और कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
0 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।
0 यह कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
0 इनमें यूपीएससी, एसएससी रेलवे भर्ती, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं, एनटीए और अन्य केंद्रीय भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।

छात्र आंदोलन के बाद लाया संशोधन बिल
सरकार ने यह संशोधन नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद लाया है। पीएम मोदी ने 23 जुलाई को कानून को और सख्त बनाने का ऐलान किया था। बाद में इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की भी घोषणा की गई।

 

tranding
tranding
tranding