6 हजार करोड़ के महादेव सट्टा एप का मुख्य आरोपी
रायपुर। सीबीआई की टीम मंगलवार को महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर रायपुर पहुंची। उसे फ्लाइट ई6 2307 से दिल्ली से रायपुर लाया गया। उसे एयरपोर्ट के गेट नंबर-2 से ले जाने की तैयारी थी, लेकिन मीडियाकर्मियों की मौजूदगी के कारण उसे गेट नंबर-1 से बाहर निकाला गया। इसके बाद अधिकारी उसे गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान कुछ देर के लिए एयरपोर्ट की लाइट भी बंद हो गई थी। सौरभ को बुधवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सौरभ पर करीब 6 हजार करोड़ रुपए के सट्टा घोटाले में शामिल होने का आरोप है। सीबीआई उसे ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लेकर आई है। सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उसे सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि आरोपी को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाए।
महादेव सट्टा एप की सीबीआई कर रही जांच
बता दें कि महादेव सट्टा एप से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 एफआईआर जांच के लिए सीबीआई को सौंपी थीं। इनमें से 2 मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है।
प्रत्यर्पण को लेकर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारत की ओर से ओमान को प्रत्यर्पण के लिए जो अनुरोध भेजा गया था, उसमें ईडी के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि सीबीआई के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी। वकील ने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। उन्होंने इसे प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन बताया और कहा कि सीबीआई उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।
सीबीआई ने कहा- गिरफ्तारी पर रायपुर कोर्ट फैसला करेगी
सीबीआई की ओर से कहा गया कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत ने पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी किया था। ओमान सरकार से मिली जानकारी के आधार पर उसे भारत लाया गया है। सीबीआई ने यह भी कहा कि ईडी और सीबीआई के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। फिलहाल दिल्ली कोर्ट को सिर्फ यह तय करना है कि आरोपी को रायपुर की अदालत तक ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड दी जाए या नहीं। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार से जुड़े सवालों पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी।
भारत आने के बाद अब क्या होगा?
सौरभ के खिलाफ सीबीआई दो मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की है। अब दोनों एजेंसियां पहले से जुटाए गए सबूतों के आधार पर उससे पूछताछ कर सकती हैं। पहले सीबीआई उससे पूछताछ करेगी। इसके बाद ईडी भी रिमांड लेकर उससे सवाल-जवाब कर सकती है।