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0 इटली की पीएम बोलीं- इटली में शरिया कानून लागू नहीं होने देंगी
रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि यूरोप में इस्लाम धर्म के लिए कोई जगह नहीं है। इस्लाम और यूरोप का कल्चर एक-दूसरे के अनुकूल नहीं है। हमारी सभ्यता उनसे काफी अलग है। इटालियन भाषा में दी गई स्पीच में मेलोनी ने ये भी कहा है कि वो इटली में कभी शरिया कानून लागू नहीं होने देंगी।

मेलोनी ने ये बातें उनकी पार्टी के एक कार्यक्रम में कही हैं। इसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने भी अटेंड किया था।

मेलोनी ने सऊदी की आलोचना की
मेलोनी ने सऊदी अरब में लागू शरिया कानून की आलोचना करते हुए कहा कि वहां एडल्ट्री करते पाए जाने पर लोगों को पत्थरों से मारा जाता है। होमोसेक्शुअलिटी के लिए मौत की सजा दी जाती है। मुझे लगता है कि इसमें सुधार लाया जाना चाहिए। मेलोनी ने कहा है कि वो इस्लाम को एक निर्धारित चश्मे से नहीं देख रही हैं। बल्कि जो समस्याएं हैं सिर्फ उन्हीं के बारे में बात कर रही हैं।

जॉर्जिया मेलोनी के बारे में जानें
मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। वो एक धुर दक्षिणपंथी नेता हैं। उन्होंने 2022 में ही चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। मेलोनी पर एलजीबीटी विरोधी, फांसीवादी और इस्लामोफोबिक होने के आरोप लगते हैं। हालांकि वो इनसे इनकार करती हैं और अपनी छवि सुधारने पर भी काम कर रही हैं।

जॉर्जिया मेलोनी 2008 में 31 साल की उम्र में इटली की सबसे युवा मंत्री बनी थीं। इसके चार साल बाद यानी साल 2012 में उन्होंने ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी बनाई। टीनेजर रहते हुए निओ फासिस्ट मूवमेंट में शामिल हुईं। इसकी शुरुआत इटली के पूर्व तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के समर्थकों ने की थी। 2021 में मेलोनी की किताब 'आई एम जॉर्जिया' आई। इसमें भी उन्होंने इसी बात पर जोर किया कि वो फासीवादी नहीं हैं। साथ ही खुद को मुसोलिनी का वारिस भी बताया।

जियोर्जिया मेलोनी का जन्म 15 जनवरी 1977 को हुआ। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के समर्थकों ने एक आंदोलन शुरू किया था। इसे इटालियन सोशल मूवमेंट नाम दिया गया था। 15 साल की उम्र में मेलोनी ने इसके यूथ विंग में काम किया। मेलोनी के पिता अकाउंटेंट थे। रोम में जन्मीं मेलोनी अंग्रेजी, स्पेनिश और फ्रेंच बोलती हैं।