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0 ममता-अखिलेश कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं, पंजाब में आप अड़ी

नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन इंडिया में सीट शेयरिंग समेत गठबंधन के अध्यक्ष और संयोजक पद पर भी असमंजस की स्थिति है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार 13 जनवरी को हुई वर्चुअल मीटिंग में चेयरपर्सन के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर सहमति बनी, लेकिन संयोजक के नाम पर फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘हमारे बीच चर्चा हुई कि हम जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला लेंगे।'

जेडीयू भी सीट शेयरिंग में हो रही देरी से नाराज है। पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि हमारी चिंताएं हैं कि सीट शेयरिंग जल्दी हो और जॉइंट कैंपेन होना चाहिए। चुनाव में मुश्किल से दो महीने बचे हैं और अभी सीट शेयरिंग भी नहीं हुई। यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। हालांकि, एनडीए में भी सीट शेयरिंग नहीं हुई है, लेकिन भाजपा का संगठन, जनशक्ति और धनशक्ति काफी मजबूत है।

प. बंगाल: कांग्रेस को चाहिए 6 सीटें, ममता 2 से ज्यादा देने को तैयार नहीं
राज्य में लोकसभा की 42 सीटें हैं, जिनमें से कांग्रेस 6 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी कांग्रेस को 2 सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में फिलहाल सीट शेयरिंग का कोई फॉर्मूला बनता नहीं दिख रहा। यही वजह है कि ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन से दूरी बनाते दिख रही हैं। फिलहाल कांग्रेस और टीएमसी में सीटों के बंटवारे पर कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है।

पंजाब: कांग्रेस का 8 सीटों पर दावा, लेकिन आप राजी नहीं
पंजाब में लोकसभा की 13 सीटें हैं। आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने दिसंबर में भटिंडा में एक रैली के दौरान लोगों से आप को सभी 13 सीटें जिताने की अपील की थी। जाहिर है कि आप का दावा पंजाब की सभी 13 सीटों पर है। अभी 13 में से 8 सीटों पर कांग्रेस के सांसद हैं। कांग्रेस इन 8 सीटों पर दावा कर रही है। पंजाब में सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी कांग्रेस को इतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है।

दिल्ली: आप 4 और कांग्रेस 3 सीटों पर लड़ सकती हैं
दिल्ली में आप और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है। कांग्रेस ने दिल्ली में 5 सीटों की डिमांड की थी, लेकिन आप के 4 और कांग्रेस के 3 सीटों पर लड़ने के संभावित फॉर्मूले पर दोनों पार्टियां राजी हैं।

यूपी: कांग्रेस 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, सपा 10 सीटें दे रही
यूपी में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर शुक्रवार 12 जनवरी को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की बैठक होनी थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, यूपी को लेकर पार्टी का रोड मैप क्लीयर नहीं था, इस वजह से मीटिंग टालनी पड़ी। कांग्रेस यूपी में 20-25 सीटों पर लड़ना चाहती है, जबकि सपा 10 से ज्यादा सीट नहीं देना चाहती। सपा खुद कम से कम 60 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और अपनी सहयोगी आरएलडी को 5 सीट दिलाना चाहती है। ऐसी स्थिति में यूपी में कांग्रेस के लिए 15 सीटें ही बचेंगी।

बिहार: जेडीयू ने कांग्रेस को 4 सीटें देने का प्रस्ताव रखा
बिहार में सीटों के बंटवारे पर हुई बैठक में जेडीयू ने आरजेडी-जेडीयू को 17-17, कांग्रेस को 4 और लेफ्ट पार्टियों को 2 सीट दिए जाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, कांग्रेस बिहार में 8-10 सीटें मांग रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी-जेडीयू को 16-16, कांग्रेस को 6 और लेफ्ट दलों को 2 सीट दिए जाने के संभावित फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है। हालांकि, कांग्रेस नीतीश के इंडिया गठबंधन से अलग होने की आशंकाओं को भी नकार नहीं रही। इस स्थिति में कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

महाराष्ट्र: कांग्रेस 20 सीटों पर अड़ी, शिवसेना को भी इतनी ही सीटें मिल सकती हैं
महाराष्ट्र को लेकर भी कांग्रेस की एनसीपी (शरद गुट) और शिवसेना (यूबीटी) के साथ बैठक हो चुकी है। शिवसेना 23 और एनसीपी 10 सीटों की मांग कर रही हैं, जबकि कांग्रेस 20 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस 20, शिवसेना 20, एनसीपी 6, वंचित बहुजन अघाड़ी एक और स्वाभिमानी पक्ष एक सीट के संभावित फॉर्मूले पर चुनाव लड़ सकते हैं।

बाकी राज्यों में सीट शेयरिंग की स्थिति
गुजरात: गुजरात मे आम आदमी पार्टी को 2 सीटें मिल सकती है।
हरियाणा: आप हरियाणा में भी चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन कांग्रेस उसे एक भी सीट देने के पक्ष में नहीं है।
जम्मू-कश्मीर: कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के साथ चुनाव लड़ेगी। जम्मू की 2 सीट और लद्दाख की एक सीट पर कांग्रेस दावा कर रही है, ऐसी स्थिति में नेशनल कॉन्फ्रेंस दो और पीडीपी एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी।
केरल: 20 सीटों में से कांग्रेस 16 और गठबंधन के बाकी दल 4 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं।
तमिलनाडु: डीएमके 30 और कांग्रेस 9 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन 1-2 सीटों पर पेंच फंस रहा है।
झारखंड में कांग्रेस जेएमएम के साथ चुनाव लड़ेगी, जबकि ओडिशा में लेफ्ट दलों को 1-2 सीट मिल सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में कांग्रेस किसी से भी गठबंधन नहीं करेगी।