
0 भाजपा विधायकों ने उठाया आबंटन का मामला
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायकों ने नवा रायपुर क्षेत्र में अधिकारी-कर्मचारी संगठनों और अन्य सामाजिक शैक्षणिक संस्थानों को भी आबंटन का मामला विधानसभा में उठाया।
प्रश्नकाल में भाजपा के पुरंदर मिश्रा ने अपने मूल प्रश्न में नवा रायपुर में जमीन आबंटन की जानकारी चाहिए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि राज्य प्रशासनिक सेवा गृह निर्माण सहकारी समिति को सेरीखेड़ी में 15 एकड़ 2018-19 के गाइड लाइन दर पर आबंटित किया गया। आईएएस अफसरों की समिति को भी 20.24 हेक्टेयर 16-17 की गाइड लाइन दर पर आबंटित किया गया। इसे छग गृह निर्माण मंडल डेवलप करके देगा। संचालनालय अधिकारी संघ को भी 7.175 हेक्टेयर भूमि दी है। और छग गृह निर्माण मंडल डेवलपमेंट कर रहा है। इस पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि संचालनालय कर्मचारी गृह निर्माण समिति को जमीन आबंटन में भेदभाव क्यों? कब तक करेंगे।
इस पर राजस्व मंत्री ने कहा कि कोई भेदभाव नहीं है। आबंटन किया जा चुका है। नवा रायपुर में 50 संगठनों को जमीन आबंटित की गई है । पूरी सूची संलग्न है। इस पर श्री मिश्रा ने पूछा कि अगस्त 19 में राजपत्रित अधिकारी संघ के आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई? मंत्री वर्मा ने बताया कि इस समिति को भी आबंटन कर दिया गया है। गाइडलाइन दर 6 करोड़ जमा कर दिया है और वो लोग प्लाट देने वाले हैं। इस पर भाजपा के धर्मजीत सिंह ने नए सांसद, विधायकों के लिए जमीन आबंटन की स्थिति पूछी। इस पर मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि ग्राम नकटी में स्थल निरीक्षण किया है। और आगे की कार्रवाई कर रहे जल्द आबंटन करेंगे।
दूसरी एजेंसी से डेवलपमेंट काम कराने से नवा रायपुर की दुर्दशा होगी: मूणत
इस बीच भाजपा राजेश मूणत ने पूछा कि उपरोक्त गृह निर्माण समितियों के लिए लैंड डेवलपमेंट कौन कौन सी एजेंसी कर रही है। इस पर मंत्री ने पृथक से जानकारी देने की बात कही तो। इस पर मूणत ने कहा कि दूसरी एजेंसी क्यों करें जब पूरे नवा रायपुर का विकास एनआरडीए ने किया है और कर रहा है। ऐसे में दूसरी एजेंसी से समन्वय न होने पर इस आधुनिक शहर की दुर्दशा होगी। जिस तरह से पुराने रायपुर के चारों तरफ कॉलोनियां बनने से सडक़ पानी बिजली की समस्या खड़ी हुई है, वैसे ही नवा रायपुर में भी होगी। इस पर मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।