
0 भारतीय सेना ने लगातार दूसरे दिन 'ऑपरेशन सिंदूर' पर फिर जानकारी दी
नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय सेना ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। थल सेना से डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, नेवी से वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयरफोर्स से एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर 32 मिनट तक फिर जानकारी दी। भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों से थी और पाकिस्तानी सेना के आतंकवादियों के पक्ष में लड़ाई में उतरने के कारण भारत को उसके सैनिक ठिकानों को निशाना बनाना पड़ा, जिसके लिए पाकिस्तानी सेना खुद जिम्मेदार है।
भारतीय वायुसेना, नौसेना एवं थल सेना के सैन्य अभियान महानिदेशकों ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि तुर्की के ड्रोन हों या कहीं की भी कोई अन्य शस्त्र तकनीक हो, हमारी स्वदेशी रक्षा प्रणाली, प्रशिक्षित योद्धा उससे मुकाबले के लिए तैयार हैं। ऑपरेशन सिन्दूर में हमारा नुकसान बेहद मामूली रहा है। हमारे सभी सैन्य प्रतिष्ठान, उपकरण, शस्त्र प्रणालियां पूरी तरह से कार्यशील हैं। जरूरत पड़ने पर हम अगले मिशन के लिए तैयार हैं।
वायुसैनिक अभियान महानिदेशक एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि 'भय बिनु होय ना प्रीत। पाकिस्तान की सेनाओं ने विमानों, मिसाइलों, ड्रोन एवं यूएवी से भारत पर भीषण हमला करने की कोशिश की, लेकिन हमारी परत दर परत मजबूत एवं आधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रणाली उसके सामने अभेद्य दीवार साबित हुई।
एयर मार्शल भारती ने दोहराया कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों एवं आतंकवाद से थी, पाकिस्तानी सेना से नहीं। पर अफसोस की बात है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों के समर्थन में इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला किया, इसलिए इस संघर्ष में पाकिस्तान को जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने आतंकवादियों के व्यवहार में आये अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षाें से आतंकवादी धार्मिक स्थलों एवं यात्राओं को निशाना बनाने लगे थे और पहलगाम में उनका पाप का घड़ा भर गया था।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए चीन निर्मित हथियार नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायुरक्षा प्रणाली को संदर्भों में समझने की जरूरत है। पिछले 10 साल में सरकार से सेनाओं को जो बजटीय समर्थन मिला है, उससे हमें देश की वायुरक्षा प्रणाली मजबूत एवं आधुनिक बनाने में बड़ी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर में तीनों सेनाओं, सीमा सुरक्षा बल, और सरकारी एजेंसियों का पूरा समन्वय रहा।
पाकिस्तान आतंकवादियों के साथः एयर मार्शल भारती
एयर मार्शल भारती ने कहा कि कल हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' की जॉइंट ऑपरेशन की डिटेल ब्रीफिंग दी थी। हमने कहा था कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों के साथ है। हमारी लड़ाई पाकिस्तानी मिलिट्री के साथ नहीं है। पाकिस्तान सेना ने दखलंदाजी की, हमने उसका जवाब दिया। हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के साथ थी, 7 मई को हमने सिर्फ आतंकवादियों पर हमला किया। पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ दिया और हमें जवाब देना पड़ा। उन्हें जो नुकसान हुआ उसके लिए पाकिस्तानी सेना जिम्मेदार है। पाकिस्तान की तरफ से किए गए हमले में चाइनीज ओरिजन की मिसाइल शामिल थीं, इनमें लॉन्ग रेंज रॉकेट थे, यूएवी थे, चीनी ओरिजन के कुछ कॉप्टर्स और ड्रोन थे। इन्हें हमारे एयरडिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। हमने सिविलियन और मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिनिमम टारगेट पर रखा, जबकि पाकिस्तानी सेना लगातार सभी जगह हमले कर रही थी। आपको पता है कि एयर डिफेंस सिस्टम की हमारे पास वैरायटी है। इसमें लो लेवल फायरिंग, सरफेस टु एयर मिसाइल, लॉन्ग और शॉर्ट रेंज मिसाइल शामिल हैं। हम पर ड्रोन और यूएवी से हमला किया गया है। पाकिस्तानी हमले के दौरान हमारे सभी सिस्टम एकसाथ एक्टिव हुए, मॉडर्न डेज वार फाइटिंग के लिहाज से ये अहम था। पुराने माने जा रहे एयर डिफेंस सिस्टम ने भी सही तरह से काम किया। आकाश सिस्टम से भी हमलों का जवाब दिया गया। कल हमने कुछ टारगेट्स की डिटेल्स को आपके साथ शेयर किया था। हम जो तस्वीरें दिखा रहे हैं, वो बता रही हैं कि हमने दुश्मन ड्रोन, फाइटर एयरक्राफ्ट और मिसाइल गिराईं। हमारी तरफ कम से कम नुकसान हुआ।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने एशेज सीरीज का जिक्र किया
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि आज मैं इस युद्द के अहम पहलू के बारे में बता रहा हूं। हमें एयर डिफेंस ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई को समझने की आवश्यकता है। मैंने कल बताया था कि पिछले कुछ सालों में आतंक की गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था। इंटरनेशनल बाउंड्री से रडार, एयर डिफेंस सिस्टम, विटेंज एयर डिफेंस सिस्टम और मॉडर्न एयर डिफेंस सिस्टम की लेयर थी। इसे पारकर हमारी एयरफील्ड को अटैक करना उनके लिए मुश्किल था। ये चित्र (ऊपर का) एक घटना की याद दिलाता है। 1974 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज खेली गई। उसमें ऑस्ट्रेलिया के दो तेज गेंदबाजों डेनिस लिली और जैफ थॉमसन ने इंग्लैंड को धराशाई कर दिया था। दोनों ने मिलकर 58 विकेट लिए थे और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 4-1 से जीती थी। ऑस्ट्रेलियंस ने उस समय एक कहावत निकाली थी। ऐशेज टू एशेज एंड डस्ट टू डस्ट। भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थिति आतंकी ठिकानों का वही हाल किया जो उस सीरीज में लिली और थॉमसन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड का किया था। आज क्रिकेट की भी बात जरूरी है। विराट कोहली ने संन्यास लिया है, वे मेरे भी फेवरेट क्रिकेटर हैं। लिली और थॉमसन की तरह हमारी लेयर है। फोटो में दिखाई गई एक लेयर को पार कर भी गए तो हमारी एयरफील्ड को हिट करने से पहले कोई ना कोई सिस्टम उन्हें (दुश्मन) गिरा देगा। हमारी एयर डिफेंस शील्ड हर वक्त एक्टिव है।
बीएसएफ की भी सराहना करूंगा। उनके डायरेक्टर जनरल से लेकर पोस्ट पर पहरा देने वाले जवान बढ़चढ़कर शामिल हुए और हमें मदद की। हमारी मल्टी टियर्ड ग्रुप का वे भी हिस्सा थे। आपने सुना होगा, जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें कदम चूमती हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाएं मिलकर काम कर रही थीं। हमारे 140 करोड़ भारतीय हमारे पीछे खड़े थे। इसके लिए हम आपको सैल्यूट करते हैं।
नौसेना सर्विलांस, डिटेक्शन में लगी हुई थीः वाइस एडमिरल एएन प्रमोद
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि नौसेना सर्विलांस, डिटेक्शन में लगी हुई थी। हमने मल्टीपल सेंसर्स और इनपुट्स दिए। हमने उन खतरों को पहचाना, जिन्हें तुरंत न्यूट्रिलाइज्ड किया जाना था। ड्रोन, हाईस्पीड मिसाइल और एयरक्राफ्ट की जानकारी दी गई, ये एडवांस राडार के जरिए दी गई। हमारे पायलट रात और दिन में ऑपरेट करने के लिए तैयार थे। हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर में मिग-29 एक्शन के लिए तैयार थे। संदिग्ध दुश्मन जहाज को कई सौ किमी. पास आने का मौका हमने पास के सालों में नहीं दिया है। वाइस एडमिरल प्रमोद ने जैसे ही अपनी बात खत्म की एयर मार्शल एके भारती बोले, मैं यह स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि सभी मिलिट्री बेस, सिस्टम ऑपरेशनल हैं और नए मिशन के लिए तैयार हैं।
