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0 आर्मी चीफ बोले-  ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा
नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के आतंकी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। अगर कोई हरकत होती है तो एक्शन लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर, थलसेना, वायुसेना और नौसेना के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। रविवार को बॉर्डर के पास ड्रोन देखे जाने के सवाल पर आर्मी चीफ बोले- वे बहुत छोटे ड्रोन हैं। ये लाइट जलाकर उड़ते हैं। बहुत अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ते और बहुत कम ही दिखाई दिए हैं। 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए, जबकि 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन दिखाई दिए। हाल में देखे गए ड्रोन रक्षात्मक ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि कोई कार्रवाई तो नहीं हो रही है। वे जांचना चाहते हैं कि भारतीय सेना कहीं कोई कमी या ढिलाई तो नहीं कर रही, जिससे वे आतंकियों को भेज सकें।
आर्मी चीफ ने कहा कि इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के सामने 8 आतंकी कैंप हैं, जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है। सेना नजर बनाए हुए है, एक भी गलती पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। 7 मई को 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और 10 मई तक 88 घंटे तक चले समन्वित अभियान ने रणनीतिक समीकरणों को बदल दिया। इस दौरान आतंकी ढांचों पर अटैक किए गए। 9 में से 7 लक्ष्यों को नष्ट किया गया। पाकिस्तान की पुरानी परमाणु धमकी की रणनीति को कमजोर किया गया। 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे। इनमें पहलगाम हमले के आतंकी भी थे, जिन्हें ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया।
जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। विकास के काम तेज हुए हैं। पर्यटन लौट रहा है और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रही। 2025 में 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए, जो पिछले पांच साल के औसत से ज्यादा हैं। आतंक से पर्यटन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया अब धीरे-धीरे आकार ले रही है।

आर्मी चीफ बोले- 1963 का पाक-चीन समझौता अवैध
आर्मी चीफ ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को अवैध मानता है। जिसके तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी में अपना क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि हम वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करते हैं। जहां तक चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का सवाल है। हम इसे स्वीकार नहीं करते। हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं।