0 वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया
0 20,400 करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटे का अनुमान
0 एजुकेशन, इंडस्ट्री और कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश
0 बस्तर के विकास का खींचा बड़ा खाका
0 स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ की राशि मिली
0 किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा
0 महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 फीसदी छूट
0 'रानी दुर्गावती योजना' से बालिकाओं को 18 वर्ष होने पर 1.50 लाख देने की घोषणा
0 कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना
0 बजट में 11 नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान
0 5 मुख्यमंत्री मिशन की घोषणा
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश कर 'संकल्प' थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा। बजट में बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा खाका खींचा।
2 हजार करोड़ के घाटे वाले इस बजट में एक तरफ जहां 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपए आय का अनुमान जताया गया है, तो वहीं दूसरी ओर 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है। इस तरह से यह 20,400 करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटे का अनुमान है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87 प्रतिशत है।
प्राप्तियों की बात करें तो 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपए में से राज्य के स्वयं के संसाधन से 77 हजार करोड़ तो दूसरी ओर केंद्र की प्राप्तियों से 66 हजार करोड़ रुपए का अनुमान जताया गया है। वहीं पूंजीगत प्राप्ति से 29 हजार करोड़ रुपए का अनुमान जताया गया है। वहीं व्यय की बात करें तो 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपए राजस्व व्यय के तौर पर खर्च होंगे, वहीं पूंजीगत व्यय के तौर पर 26,500 करोड़ रुपए और ऋण एवं अग्रिम के तौर पर 500 करोड़ रुपए व्यय का अनुमान खींचा गया है।
इस बार छत्तीसगढ़ के बजट में सामाजिक क्षेत्र को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए कुल व्यय का 40' प्रावधान किया गया है, जबकि आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए 36' और प्रशासनिक व सामान्य सेवाओं के लिए 24' राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14,300 करोड़ रुपए का विशेष ग्रीन बजट का भी प्रावधान किया गया है।
बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई, वहीं 18 वर्ष पूरे होने पर बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। प्रदेश में 23 नए उद्योग खुलेंगे और पांच शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम बनाए जाएंगे। रायपुर में 200 बिस्तर वाले अस्पताल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल और 15 नए थाने खोले जाएंगे। ई-वाहनों में सब्सिडी दी जाएगी। नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होगी और कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बजट में सरगुजा, बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है। बस्तर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाकों में दो 'एजुकेशन सिटी' स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो। इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार ने खास ध्यान दिया है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी, ताकि दूरस्थ इलाकों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
सिंचाई क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए इंद्रावती नदी पर लगभग 2024 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण की योजना घोषित की गई है। इससे बस्तर क्षेत्र में लगभग 32 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वनों के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 1 हजार पदों पर भर्ती होगी। छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 प्रमुख मिशन पर काम करेगी। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कृष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन तथा मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन शामिल हैं। हर मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
बजट का 70 प्रतिशत विभागों को
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने बजट में 70 प्रतिशत हिस्सा विभागों को आवंटित किया है। यहां पर सरकार की प्राथमिकता सामने आती है. इसमें सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत याने 22,360 करोड़ रुपए स्कूल शिक्षा विभाग को आवंटित किया गया है। वहीं 9.6 प्रतिशत याने 16,560 करोड़ रुपए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को आवंटित किया गया है। इसके बाद कृषि (7.9 प्रतिशत), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (7.5 प्रतिशत), महिला एवं बाल विकास विभाग (6.4 प्रतिशत), लोक निर्माण विभाग (5.5 प्रतिशत), ऊर्जा के लिए (5.2 प्रतिशत), लोक स्वास्थ्य (5 प्रतिशत), गृह विभाग के लिए (4.9 प्रतिशत) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के लिए (3.5 प्रतिशत) आवंटित किया गया है।
किसानों से जुड़ी योजना पर सर्वाधिक व्यय
साय सरकार अपने तीसरे बजट में सर्वाधिक 10 हजार करोड़ रुपए कृषक उन्नति योजना पर खर्च करेगी, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता और कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, वहीं भूमिहीन कृषि परिवारों के समर्थन के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
बालिकाओं को 1.5 लाख
छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 'रानी दुर्गावती योजनाÓ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसक साथ ही 'मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजनाÓ लागू की जाएगी, वहीं उनके सामाजिक सशक्तिकरण के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना
बजट में शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उपचार के दौरान अस्पताल में नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर रजिस्ट्री शुल्क में 50' मिलेगी छूट
रायपुर। आज विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीसरी बार राज्य का बजट पेश किया। अपने बजट में उन्होंने देश की आधी आबादी नारी शक्ति को बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री ने महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर रजिस्ट्री शुल्क में 50' की छूट की घोषणा की है। इसे एक बड़ी घोषणा के रूप में माना जा रहा है। हालांकि यह नियम आगामी वर्ष से लागू होगा। वित्त मंत्री चौधरी ने घोषणा करते हुए बताया कि यह हमारे संकल्प पत्र के अनुसार है। महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में निरंतरता रखते हुए एवं हमारे संकल्प पत्र के अनुरूप आगामी वर्ष से महिलाओं के नाम से अचल संपत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क में 50' की छूट दिया जाना प्रस्तावित है।
'ज्ञान-गति' के बाद अब 'संकल्प'
साय सरकार ने तीसरे बजट का थीम 'संकल्प' रखा गया है। पहले व दूसरे बजट का थीम 'ज्ञान' व 'गति' था। 'संकल्प' का मतलब है-
एस - समावेशी विकास
ए - अधोसंरचना
एन - निवेश
के - कुशल मानव संसाधन
ए - अन्त्योदय
एल - लाइवलीहुड
पी - पालिसी से परिणाम तक
प्रमुख विभागों के लिए बजट प्रावधान
1. स्कूल शिक्षा विभाग : 22360 करोड़।
2. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : 16560 करोड़।
3. कृषि विभाग : 13507 करोड़।
4. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग : 12820 करोड़।
5. महिला एवं बाल विकास विभाग: 11000 करोड़।
6. लोक निर्माण विभाग: 9451 करोड़।
7. ऊर्जा विभाग: 9015 करोड़।
8. गृह विभाग : 8380 करोड़।
9. लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग : 8050 करोड़।
10. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: 3890 करोड़।
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बजट में प्रमुख घोषणाएं
0 रायपुर में 200 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी।
0 प्रदेश के 5 प्रमुख एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे, ताकि छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
0 सयानगुड़ी योजना का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा, इसके लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
0 रायपुर में ओबीसी छात्राओं के लिए 200 सीट क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
0 भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान, ताकि उनकी आय और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
0 कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर रहेगा।
0 कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
0 रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल (रूष्ट॥) तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण का प्रावधान किया गया है।
0 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य ग्राम सभा के माध्यम से कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय और क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलेगा।
0 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1700 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे ग्रामीण सड़कों का विस्तार और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
0 मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट, जिससे राज्य में सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाया जाएगा।
0 5 नई नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिलेंगी।
0 मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना लागू होगी, इसके लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
0 शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज, इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
0 नवा रायपुर-राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपए, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
0 उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1750 करोड़ रुपए किया गया, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
0 मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू की जाएगी, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा।
0 बस्तर और सरगुजा में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा, जैसे राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश प्रावधान।
0 रानी दुर्गावती योजना शुरू होगी, जिसमें बच्चियों के 18 वर्ष पूरे होने पर 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
0 वन संरक्षण के लिए 930 करोड़ रुपए का प्रावधान, साथ ही 1000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी।
0 अभ्यारण्यों और वन्यजीव संरक्षण के विकास के लिए 11 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।
0 ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) खरीद पर सब्सिडी के लिए 100 करोड़ रुपए, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
0 नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जाएगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण मिलेगा।
0 नवा रायपुर में आधुनिक स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
0 रायपुर में बनेगा पहला होमियोपैथी कॉलेज
0 क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
0 सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
0 अचल संपत्ति क्रय पर महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट।
0 मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, अधोसंरचना मिशन, स्टार्ट अप एवं निपुण मिशन के लिए 100-100 करोड़ की घोषणा।