0 ईरान बोला- खतरनाक बदला लेंगे
0 ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित
0 अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर 24 घंटे में 1200 बम गिराए
तेल अवीव/तेहरान। इजराइल और अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं। इजराइली वायुसेना ने यह जानकारी दी है। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। वहीं दूसरी तरफ रविवार को इजरायली वायुसेना ने तेहरान पर फिर से नये हमले शुरू किए हैं। श्री खामेनेई के निधन के बाद देश की बागडोर एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गयी। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और कानून विद अलीरेजा अराफी शामिल हैं।
उनके अलावा शीर्ष सैन्य अधिकारी अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का नया कमांडर नियुक्त किया है। उन्होंने अमेरिका-इजरायल हमले में मारे गए श्री मोहम्मद पाकपोर का स्थान लिया है।
खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे। इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की। फ़ार्स समाचार एजेंसी ने कहा कि सर्वोच्च नेता के घर में जानकार सूत्रों से संपर्क स्थापित करने के बाद,उनकी बेटी, दामाद और नाती की मौत की खबर की दुर्भाग्यवश पुष्टि हो गयी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि श्री खामेनेई की तीन बेटियों में से कौन मृतकों में शामिल है।
इधर इस हमले पर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल में एक हमले में 8 लोगों की मौत हो गई है।
इजरायली रक्षा बल (आइडीएफ) ने रविवार को ताजा हवाई हमले की जानकारी देते हुए एक बयान में कहा कि ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' शुरू होने के बाद पहली बार आइडीएफ, तेहरान के शासकीय केंद्रो पर हमला कर रहा है। वहीं, तेहरान से मिली खबरों के मुताबिक, रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में धमाके हुए। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गयी तस्वीरों में तेहरान के कई हिस्सों से घने धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गये। श्री पेजेशकियान ने श्री खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लेते हुए चेतावनी दी कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को 'पछताना पड़ेगा'।
उनके कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा, "यह बड़ा अपराध कभी बिना जवाब नहीं रहेगा। इसके ठीक बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं, इतना जोरदार जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया। उनके लिए बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर इतनी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गयी होगी।
श्री ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में श्री खामेनेई की मौत की पुष्टि की। श्री ट्रम्प ने लिखा कि इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक खामेनेई की मौत हो गयी है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के उन कई देशों के लोगों के लिए भी न्याय है। उन्होंने कहा कि यह अभियान ईरानी लोगों के लिए अपने देश की सत्ता वापस लेने का मौका है।
इससे पूर्व, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा था, "आज सुबह हमने तानाशाह खामेनेई के परिसर को नष्ट कर दिया। अब इस तानाशाह का शासन समाप्त हो गया है।"उन्होंने कहा कि इजरायली सेना ने "अयातुल्ला शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मार गिराया है" और आने वाले दिनों में और हमले करने का वादा किया। श्री नेतन्याहू ने ईरानियों से "शासन को उखाड़ फेंकने और अपने भविष्य को सुरक्षित करने" का आह्वान किया।
दूसरी ओर, आईआरजीसी ने रविवार को चेतावनी दी कि अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की शहादत के बाद, इस्लामी गणराज्य के सशस्त्र बलों द्वारा "इतिहास में सबसे भीषण आक्रामक अभियान" जल्द ही शुरू किये जायेंगे। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, "ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा अमेरिकी आतंकवादियों के कब्जे वाले क्षेत्रों और ठिकानों की ओर इतिहास के सबसे भीषण आक्रामक अभियान जल्द ही शुरू किए जाएंगे।
ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा संस्था, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने कहा कि वह "दुनिया के उत्पीड़कों के खिलाफ लड़ाई में एक बड़े विद्रोह की शुरुआत करेंगे।" उन्होंने ईरान और उसके सहयोगियों को "अधिक लचीला और दृढ़" बनकर उभरने का आश्वासन दिया। धमकियों के कुछ ही घंटों के भीतर, इजरायली अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने मध्य तेल अवीव पर हमला किया। पूरे शहर में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और आपातकालीन सेवाओं ने कई प्रभावित स्थलों पर प्रतिक्रिया दी।
गौरतलब है कि श्री खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता होने के साथ-साथ सैन्य प्रमुख भी थे। उन्होंने इस्लामी गणराज्य के संस्थापक रुहोल्लाह खुमैनी का स्थान लिया था। सर्वोच्च नेता के रूप में उनके पास ईरान की सरकार, सशस्त्र बलों और न्यायपालिका पर अंतिम अधिकार था और वे देश के सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकारी भी थे। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान, श्री खामेनेई ने पश्चिम के साथ ईरान के तनावपूर्ण संबंधों की देखरेख की, व्यापक प्रतिबंधों, घरेलू अशांति और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बार-बार हुए गतिरोध का सामना किया।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी की सुबह ईरान के खिलाफ एक बड़ा, समन्वित सैन्य हमला किया, जिसमें तेहरान, क़ोम, इस्फाहान, करमानशाह और कराज सहित देश भर के कई शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में बालिकाओं के एक प्राथमिक स्कूल पर हमला भी शामिल है, जिसमें स्कूली छात्राओं सहित 148 लोगों की मौत हुई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमले में 95 लोग घायल भी हो गये।
ईरान में 200 की मौत, 740 घायल
इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। ईरान ने भी देशों पर जवाबी हमले किए थे। वहीं, खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है।
ईरान का पलटवार- इजराइल समेत 9 देशों पर हमला
अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने यूएई के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।