Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 नेता प्रतिपक्ष ने कहा- ‘धान का कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाया जा रहा
0 गृह मंत्री विजय शर्मा बोले- आरोपियों के खिलाफ की त्वरित कार्यवाही 

रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने दुर्ग जिले के समोदा के फार्महाउस में अफीम की खेती का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए इस पर जांच कमेटी बनाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ से ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की साजिश की जा रही है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री विजय शर्मा के वक्तव्य के बाद सभापति धरमलाल कौशिक ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी स्वमेव निलंबित हो गए। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। 

शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने दुर्ग जिले के समोदा के फार्महाउस में अफीम की खेती का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी से 50 किलोमीटर की दूरी पर विनायक ताम्रकार नाम का व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर अफीम की खेती करने में लगा हुआ है। पुलिस प्रशासन उसे बचाने में लगा हुआ है। ठीक तरीके से किसानों के धान की खरीदी नहीं की जा रही, लेकिन ऐसा लगता है कि प्रदेश के किसानों को अफीम की खेती कराना चाहते हैं। सूखे नशे को पूरे प्रदेश में बढ़ावा देना चाहते हैं। ये एक संगठित अपराध है, जिसे राजनीतिक अपराध भी कह सकते हैं। छत्तीसगढ़ जो धान का कटोरा के नाम से जानते हैं, उसे आप लोग अफीम का कटोरा बनाने की साजिश की जा रही है।  इसमें पूरे शासन के लोग शामिल हैं। यह सामूहिक संरक्षण में किया जा रहा है। 

इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मै तो यही कहूंगा कि इसमें कांग्रेस भी शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री का नाम लिया। इसका असली तथ्य कहां है? यह खेती आज से नहीं चालू है। यह खेती 4 साल से हो रही है। वहां की दूरी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के क्षेत्र पाटन से 40 किलोमीटर है। 
इस पर भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह होली के ठीक पहले की घटना है। गांव के लोग लकड़ी इकट्ठा करने गये थे, वहां चने के खेत से होते हुए उन लोगों ने यह खेती देखी। कलेक्टर का कहना है कि विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती हो रही है, पर एफआईआर में नौकर को मुख्य आरोपी बताया गया है। जो मुख्य आरोपी है, उसका नाम तीसरे नंबर पर है। इसे सबका संरक्षण है, इसलिए दूसरी बात इसमें रकबा नहीं है। कुल मिलाकर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है। एफआईआर आखिर इतना लचर क्यों बनाया गया है। इसे ग्राहय कर इसमें चर्चा कराएं। पहले तो पंजाब जैसे जगहों से केवल नशे के पदार्थ का आना-जाना चलता था, पर अब तो यहां अफीम की यानी नशे की खेती हो रही है। छत्तीसगढ़ के पूरे फार्महाउसों की जांच कराने की आवश्यकता है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सदस्य संगीता सिन्हा, दलेश्वर साहू, लखेश्वर बघेल, कुंवर सिंह निषाद, द्वारिकाधीश यादव, रामकुमार यादव व उमेश पटेल ने इसे ग्राह्य कर सदन में चर्चा कराने की मांग की। इस पर सभापति श्री कौशिक ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत के स्थगन को पढ़कर सुनाया और इस पर शासन को अपना पक्ष रखने को कहा। 

इस पर उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने वक्तव्य देते हुए जवाब में कहा कि दुर्ग पुलिस को 6 मार्च को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी। किसी सरपंच से ऐसी सूचना नहीं मिली थी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध रूप से समोदा गांव के फॉर्म हाउस में अफीम की खेती की जा रही है। इस पर तत्काल पुलिस की टीम पहुंची। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाई की गई। दूसरे दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जब्ती  की कार्रवाई की गई। दोषियों को मौके से ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। 6 हज़ार 242 किलोग्राम अफीम जब्त की गई थी। 
उन्होंने कहा कि बीते दो साल में दो हज़ार से ज़्यादा प्रकरण में से पांच हज़ार से ज़्यादा आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है। शासन ने सभी जिलों में टास्क फ़ोर्स का गठन किया है। आरोपी और सप्लायरों के ख़िलाफ़ फाइनेशियल इन्वेस्टिगेशन अलग से किया जा रहा है। आरोपियों की 16 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। 2024-25 में ड्रग्स डिपॉस्जल कमेटी का गठन कर बड़े पैमाने पर ड्रग्स डिस्पोज किया गया है। मानस पोर्टल नम्बर 1933 का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। 
इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि गृहमंत्री ने कहा कि मुखबिर ने इसकी सूचना दी थी। अजय चंद्राकर ने कहा कि 4 साल से खेती हो रही थी। राज्य के कई हिस्सों में अफ़ीम की खेती की सूचना आती रही है। मैं 1993 में इस विभाग का मंत्री रहा हूं। कैसे अफ़ीम बनता है, ये सब मुझे पता है। अफ़ीम की खेती जो शुरू हुई है, ये बड़ा ख़तरनाक हो सकता है। छत्तीसगढ़ के गांवों में यदि इस तरह का नशा पैदा करेंगे, तो हमारे बच्चों का क्या होगा। इस पर चर्चा कराकर जांच कमेटी बनानी चाहिए। 

इसके साथ सभापति श्री कौशिक ने कहा कि मैंने सभी का पक्ष सुन लिया है। शासन की ओर से इस पर पूरी कार्रवाई की गई है। अतः स्थगन को अग्राह्य करते हुए इस पर चर्चा कराने की अनुमति नहीं देता हूं। इस पर सभी कांग्रेस सदस्य शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में पहुंच गए और सभी सदस्य स्वमेव निलंबित हो गए। इसके बाद भी नारेबाजी करते रहे। इस पर सभापति ने सभी कांग्रेस सदस्यों को बाहर जाने को कहा और सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 

प्रदेश में नशीले पदार्थों पर कार्रवाई न करने की बात गलतः शर्मा
गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई नहीं करने वाली बात गलत है। प्रदेश में विगत चार माह में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 399 प्रकरणों मेमं 679 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 6791 किग्रा गांजा, 37 ग्राम ब्राउन शुगर, 484 ग्राम अफीम, 264.35 ग्राम हेरोईन, 16.56 ग्राम कोकिन, 23.84 ग्राम एमडीएमए, 512.880 किग्रा डोडा एवं 98231 नग नशीली दवाइयां जब्त की गई हैं। रायपुर व दुर्ग जिला में मादक पदार्थ पीने का साधन जैसे गोगो, स्मोकिंग कोन, रोलिंग पेपर आदि की बिक्री के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। चेकिंग के दौरान कार्रवाई करते हुए 18 अनावेदकों के खिलाफ धारा 223, 106, 126, 135 (3), बीएनएसएस की कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में वर्ष 2025 में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के कुल 1288 प्रकरणों में 2342 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 16999.7 किग्रा गांजा, 141 ग्राम ब्राउन शुगर, 1259 ग्राम अफीम, 2.039 किग्रा हेरोईन, 27.68 ग्राम चरस, 23.56 ग्राम कोकिन, 70.46 एमडीएमए, 1524 किग्रा डोडा, 20.432 किग्रा हशीश तेल एवं 241138 नग नशीली दवाइयां जब्त की गई है।