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रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने धान खरीदी के मुद्दे पर मंत्री दयालदास बघेल को घेरा। विपक्ष ने कहा कि सरकार धान खरीदी के लिए सिर्फ दिखावा करती है। मंत्री से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। 

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने वर्ष 2025-26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि धान खरीदी के संबंध में जो जानकारी दी है, उसमें धान खरीदी कब शुरू हुई और किस्त का भी उल्लेख करेंगे? इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में कुल 46846.86, बीजापुर में 21888.59, दंतेवाड़ा में 9757, कांकेर में 147528.3, कोंडागांव में 58911.78, नारायणपुर में 17383.06 और सुकमा में 16608.14 मीट्रिक टन धान का कुल उठाव हुआ है। 

विधायक बघेल लखेश्वर ने कहा कि किसान लगातार एसडीएम कार्यालय और हर जगह चक्कर काटता रहा। सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में हो रहा है। कोई पानी डाल रहा है, तो कोई ईंट खरीद रहा है। इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। कितने किसानों को वनाधिकार संख्या जारी है, और कितने ऋणधारी है? इस पर मंत्री ने बताया कि जितना धान अभी बिका है, वह किसी भी वर्ष नहीं बिका है। 

इस बीच पूर्व सीएम ने भूपेश बघेल ने सवाल किया कि बस्तर के कितने किसान हैं, जिनका दूसरा टोकन कटा लेकिन धान नहीं बेच सके? ऐसे कितनी ऋणी किसान हैं, जिनका टोकन कटा फिर भी धान नहीं बेच सके? जो किसान ऋणी है, उनका धान खरीदेंगे क्या या उनका कर्जा माफ करेंगे? इसके जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भी ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा गया था। 

इसी तरह पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने खाद्य मंत्री से पूछा कि बस्तर संभाग के आदिवासी 32200 से ज्यादा किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि किसानों का धान खरीदा जाएगा या किसानों का कर्जा चुकाया जाएगा। इस पर खाद्य मंत्री श्री बघेल ने कहा कि जो किसानों धान खरीदी केंद्र तक धान लेकर पहुंचे थे, उनका धान हमने खरीदा है, जो नहीं पहुंचे उनका धान नहीं खरीदा गया। 
इस पर कवासी लखमा ने कहा कि किसानों का पंजीयन हुआ, टोकन कटा, लेकिन उसके बाद भी किसान से धान नहीं खरीदा गया। बस्तर के किसानों को धान का 206 करोड़ रुपया मिलना था, उन किसानों का अब क्या होगा? किसानों ने कर्जा लिया है, उसको कौन पटाएगा। इस पर खाद्य मंत्री श्री बघेल ने कहा कि जो भी किसान ऋण लेता है। उसका धान खरीदा जाता है, लेकिन धान खरीदा उनका जाता है, जो खरीदी केंद्र तक आते है। इस पर लखमा ने कहा कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया है, उनका कर्जा कौन पटाएगा?