0 मन की बात में पीएम मोदी ने कहा-सरकार की जानकारी पर भरोसा करें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 132वें एपिसोड में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। सरकार लोगों से अपील करती है कि किसी तरह की अफवाहों में न आएं। सरकार की तरफ से जानकारी पर भरोसा करें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। इससे वे देश का नुकसान कर रहे हैं।
जंग के चलते ऊर्जा संकट
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।
अफवाहों में न आएं
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरुक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं | सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।
मार्च महीने में हलचल
पीएम मोदी ने कहा कि मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरी दुनिया इससे पहले कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजर चुकी है। हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी। लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां बनती चली गईं।
खाड़ी देशों में भारतीयों की मदद जारी
पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।
मोदी ने बेंगलुरु के 'अन्वेषण' पहल की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में शिक्षा में प्रयोग आधारित सीख के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने "करत-करत अभ्यास के, जड़मत होत सुजान" कहावत का जिक्र करते हुये कहा कि निरंतर अभ्यास से ही ज्ञान और समझ बढ़ती है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छात्र सबसे बेहतर तब सीखते हैं, जब वे किसी विषय में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और खुद प्रयोग करके समझते हैं। श्री मोदी ने बेंगलुरु में चल रही एक अनूठी पहल का जिक्र किया, जहां 'प्रयोग शिक्षा अनुसंधान संस्थान' की टीम स्कूल स्तर पर विज्ञान शिक्षा को लोकप्रिय बनाने का कार्य कर रही है। इस टीम द्वारा शुरू किए गए 'अन्वेषण' कार्यक्रम के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को केमिस्ट्री, अर्थ साइंस और वेलनेस जैसे विषयों में नवाचार और रिसर्च करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से छात्रों को न केवल अनुसंधान का व्यावहारिक अनुभव मिलता है, बल्कि उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स को प्रकाशित करने का मंच भी उपलब्ध होता है। श्री मोदी ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा के दौरान कई छात्रों ने विज्ञान पढ़ने की इच्छा जताई, लेकिन साथ ही डर भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'अन्वेषण' जैसी पहलें छात्रों को विज्ञान से जोड़ने और उसे आसान व रोचक बनाने में मदद करती हैं। जब छात्र खुद प्रयोग करते हैं, तो उनमें जिज्ञासा और रुचि दोनों बढ़ती हैं। श्री मोदी ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों से देश में नई पीढ़ी के वैज्ञानिक तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल नहीं कि आज के यह छात्र ही भविष्य में देश और दुनिया के बेहतरीन वैज्ञानिक बन सकते हैं।