0 मन की बात में पीएम मोदी ने कहा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज दुनिया जिस तरह के तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं। श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को कहा कि कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। मैं आप सभी देशवासियों को अपनी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने हमें सिखाया है कि शांति हमारे भीतर से शुरू होती है। उन्होंने बताया है कि स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय होती है। आज दुनिया जिस तरह के तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ा रही है। लद्दाख में जन्मे ड्रबपोन ओत्जर रिनपोचे के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। ये संस्था ध्यान और करुणा को लोगों के जीवन से जोड़ रही है। कोचीगुआज घाटी में बना स्तूप लोगों को शांति का अनुभव कराता है। वाकई, यह देखकर गर्व होता है। भारत की प्राचीन धारा पूरी दुनिया तक पहुँच रही है। दूर-दराज के लोग भी इससे जुड़ रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा "बौद्ध परंपरा हमें प्रकृति से जुड़ना भी सिखाती है। भगवान बुद्ध को ज्ञान एक वृक्ष के नीचे मिला था। प्रकृति हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। देश में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। कर्नाटक में कर्मा मोनास्ट्री इसका अच्छा उदाहरण है। यह मठ एक जीवंत वन क्षेत्र है, जो, 100 एकड़ में फैला है। इस वन में 700 से अधिक देसी वृक्षों को संरक्षित किया गया है। साथियो, बुद्ध का संदेश सिर्फ अतीत नहीं है। यह आज भी प्रासंगिक है और भविष्य के लिए भी जरूरी है। बुद्ध पूर्णिमा का यह अवसर प्रेरणा देता है। हम अपने जीवन में शांति बढ़ाएँ, करुणा अपनाएं और संतुलन के साथ आगे बढ़ें।
वैश्विक मंच पर लहराया भारतीय चीज़ का परचम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में वैश्विक मंच पर भारतीय चीज़ की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि डेयरी सेक्टर में मूल्यवर्धन ने देश के पारंपरिक स्वाद को नयी पहचान दी है। श्री मोदी ने पिछले दिनों ब्राजील में आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय चीज़ प्रतियोगिता में भारतीय चीज़ के दो ब्रांड को प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने का उल्लेख किया और भारतीय चीज़ की विविधता तथा कुछ विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश के डेयरी सेक्टर में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। इस सेक्टर में मूल्यवर्धन ने पारंपरिक स्वाद को एक नयी पहचान दी है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय चीज़ दुनिया-भर में अपनी जगह बना रही है। दुनिया की प्लेटों में भारत का स्वाद पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की कलारी चीज़ को 'कश्मीर का मोजेरेला' कहा जाता है। गुज्जर-बकरवाल समुदाय के लोग, पीढ़ियों से इसे बनाते और खाते आये हैं। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में 'छुरपी' बहुत प्रसिद्ध है। पहाड़ों की सादगी और कोमलता इसके स्वाद में भी महसूस होती है। इस चीज़ की खास बात यह है कि इसे याक के दूध से बनाया जाता है। महाराष्ट्र और गुजरात में 'टोपली नु पनीर' जिसे 'सुरती चीज़' भी कहा जाता है, अपनी एक अलग पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि आज अनेक कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं। आधुनिक तकनीक आ रही है, बेहतर पैकेजिंग हो रही है और भारतीय उत्पाद वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हुए आगे बढ़ रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय चीज़ अब देश की सीमाओं से निकलकर दुनिया के बाजारों और रेस्तरां तक पहुंच रही है। 'लोकल से ग्लोबल' में भारतीय चीज़ का उदाहरण हमें आगे की दिशा दिखाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का स्वाद, भारत की परंपरा और भारत की गुणवत्ता दुनिया के लोगों को एक नया अनुभव देगी और भारत से एक नया जुड़ाव बनायेगी।