0 पूछा- सीओईएमपीटी और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध
0 बोर्ड बोला- गड़बड़ी के आरोप गलत
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) के एग्जाम के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने जिस सीओईएमपीटी कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का ठेका दिया है, उसके पहले नाम ग्लोबारिना था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी।
राहुल ने सवाल किया कि सीओईएमपीटी को सीबीएसई का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। सीओईएमपीटी पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात सीबीएसई को क्यों नहीं पता चली? सीओईएमपीटी प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं।
वहीं, सीबीएसई ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। सीबीएसई मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीओईएमपीटी एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। सीबीएसई आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
सीबीएसई बोला- चयन प्रक्रिया के बाद सीओईएमपीटी को ठेका दिया
सीबीएसई का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर सीओईएमपीटी कंपनी को यह ठेका दिया गया।