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0 अधिकारी बोले- बिल्डिंग की फायर एनओसी नहीं थी
0 सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी गई है

नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं, जो लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक हैं। कई विदेशी नागरिकों सहित 37 लोगों को बचा लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई। चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने कहा कि फायर टीम ने यहां से 37 लोगों को बाहर निकाला। बिल्डिंग की फायर एनओसी नहीं थी।  

वहीं, हादसे के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

केवल 6 कमरे की अनुमति, लेकिन 25 कमरे में 40 लोग ठहरे थे
अधिकारियों ने बताया कि होटल में अग्नि एवं भवन सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी गयी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतकों में अधिकांश अफ्रीकी नागरिक हैं, जो घटना के समय होटल में ठहरे हुए थे। सूत्रों के अनुसार होटल को केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन वहां कथित तौर पर करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे और लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक होटल में संकरी खिड़कियां, पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव तथा एक ही प्रवेश-निकास द्वार होने की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि इन कमियों के कारण आग लगने के दौरान लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई।

रेस्टोरेंट के ऊपर होटल था, आग 6 मंजिल तक पहुंची
आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद होटल में ऊपर की तरफ फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल और एम्स भी है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे।

18 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी, एम्स में 13 लोग भर्ती
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल साकेत ने बुधवार को चिकित्सा बुलेटिन जारी कर बताया कि कुल 39 घायलों और प्रभावित लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी। 5 लोगों को हल्की चोटें थीं। उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। 15 लोग आईसीयू में एडमिट हैं, इनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं। जिनकी हालत गंभीर है। एक व्यक्ति बहुत ज्यादा झुलस गया था, उसे सफदरजंग अस्पताल रैफर किया गया है। वहीं, एम्स में 13 लोगों का इलाज जारी है। इनमें 3 लोग वह हैं, जिन्होंने होटल के कमरों से जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। एक व्यक्ति पैर टूट गए हैं। पीड़ितों में धुएं से दम घुटने, विभिन्न स्तर की झुलसने की चोटें तथा हादसे के दौरान लगी अन्य चोटें पायी गयीं। 

कूदने के कारण कई मरीजों को फ्रैक्चर
मैक्स हेल्थकेयर ग्रुप के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने कहा कि डॉक्टर ने आगे कहा कि आग से बचने के लिए ऊपरी मंजिल से कूदने के कारण कई मरीजों को फ्रैक्चर हो गया। ज्यादातर मरीजों को हड्डियों और पेल्विक हड्डियों में फ्रैक्चर हुए। एक मरीज की रीढ़ की हड्डी में चोट है और उसकी न्यूरोसर्जरी हो रही है।

फायर ब्रिगेड पीआरओ बोले- लोगों को बचने का मौका नहीं मिला
मालवीय नगर में आग लगने की घटना पर दिल्ली अग्निशमन सेवा के पीआरओ एके मलिक ने कहा कि इस तरह की इमारतें चिमनी की तरह काम करती हैं। जिससे गर्मी बहुत तेजी से फैलती है और लोगों को बाहर निकलने का बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता।

होटल में तीन पार्टनर, इनके दिल्ली में कई होटल
दिल्ली पुलिस ने कहा कि होटल का मालिक लोकेश बजाज है। होटल को तीन पार्टनर चलाते थे। इनके बारे में कहा जा रहा है कि ये लोग दिल्ली में कई होटल और गेस्ट हाउस के मालिक हैं। पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां ​​मालिकाना हक, ऑपरेशन और फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड के पालन की जांच कर रही हैं।

 

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