0 विधानसभा अध्यक्ष बोले- राज्य का विषय नहीं, स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य
0 कांग्रेस विधायकों ने चंदा चोरी के पोस्टर लहराते हुए सदन में जमकर नारेबाजी की
0 भूपेश बोले- मंदिर निर्माण के लिए छग के लोगों ने चंदा दिया, तो क्यों नहीं कर सकते सदन में चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। इस पर सदन में सत्ता पक्ष व विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक व जमकर हंगामा हुआ। शून्यकाल में कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था के साथ धोखा हुआ है। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह राज्य का विषय नहीं है और यह सत्र से संबंधित नहीं है, इसलिए स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य किया जाता है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने चंदा चोरी के पोस्टर लहराते हुए सदन में जमकर नारेबाजी की। इस पर विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ रामभक्तों की आस्था के साथ छल हुआ है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधानसभा का विषय नहीं है। इस पर महंत ने कहा कि 23 फरवरी 2024 को सदन में कृतज्ञता ज्ञापन पेश किया था। उस वक्त सदन की भावना जुड़ी थी। तो आज सत्तापक्ष इस विषय पर निंदा प्रस्ताव ले आए, हम समर्थन करेंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के पैसों की लूट पर चर्चा चाहते हैं।
इस पर अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसने लूटा आप नाम बताइए। इस पर महंत ने कहा जिस त्रिलोकीनाथ की चर्चा स्वर्ग में होती है, जिस राम के नाम की चर्चा होती है, दुर्भाग्य है कि उनके नाम पर यहां चर्चा पर आपत्ति जताई जा रही है। संख्या के आधार पर सत्तापक्ष ने सदन में कृतज्ञता ज्ञापन लाकर अपनी भावना जाहिर की थी, तब बृजमोहन अग्रवाल सदस्य के रूप में इस प्रस्ताव को लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि उस दिन आस्था, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना दिखाई थी। आज हम राम को लेकर चर्चा चाहते हैं, तो आपत्ति हो रही है। हमने ईंट दिया है, पैसा दिया है. क्या हमारी आस्था नहीं जुड़ी है?
इस बीच अजय चंद्राकर ने कहा कि आपका कोषाध्यक्ष तीन साल से कहां लापता था? तब खूब चंदा चकोरी हुई है। उस पर बात कर लीजिए। आप अयोध्या की बात कर रहे हैं। इस पर भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि आपकी पार्टी ने तो राम के अस्तित्व को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में दर्ज है कि कभी-कभी शैतान भी बाइबिल पड़ता है।
रामजन्म भूमि ट्रस्ट को एक लाख 21 हज़ार रुपए चंदा दिया हैः पूर्व सीएम बघेल
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब शिलापूजन के लिए राज्य से पैसा गया। छत्तीसगढ़ के लोगों ने वहां जाकर चंदा दिया है, जिस पर डकैती पड़ गई। उस पर चर्चा पर आपत्ति क्यों? हमारे पैसे की डकैती हुई है, तो इस पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती। अयोध्या में निर्माण कार्य में 40 फ़ीसदी तक कमीशन लिया गया। इस पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल से पूछा कि आपने कितना पैसा दिया है? इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चेक क्रमांक बताते हुए कहा कि रामजन्म भूमि ट्रस्ट को 11/02/2021 को एक लाख 21 हज़ार रुपए दिया है। इस पर दोनों पक्षों के बीच हंगामा शुरू हो गया। वहीं कई कांग्रेस सदस्य चंदा चोरी के पोस्टर लहराते हुए सदन में जमकर नारेबाजी करने लगे। इस पर स्पीकर डॉक्टर रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना को राज्य व सत्र से संबंधित विषय नहीं बताते हुए प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी जारी रही।
पद्म विभूषण तीजन बाई को सदन में दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले सदन में पद्म विभूषण तीजन बाई को सदन में श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पंडवानी गायन के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उनके अलावा संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद, भाजपा विधायक किरण देव सिंह, अनुज शर्मा, कांग्रेस सदस्य अनिला भेड़िया, भाजपा सदस्य डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, रिकेश सेन व वन मंत्री केदार कश्यप ने भी अपने विचार साझा कर स्व. तीजन बाई के योगदान को याद किया। इसके बाद दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।