0 स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य होते ही विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे
0 राजस्व मंत्री ने कहा- ग्राम नकटी में कार्रवाई पूर्णतः वैधानिक
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अग्राह्य कर दिया। आसंदी ने विपक्ष को पटल पर पत्र रखने की भी अनुमति नहीं दी। इस पर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्वमेव निलंबित हो गए। इसके बाद विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने निलंबित सदस्यों को सदन से बाहर जाने को कहा। इसके पांच मिनट बाद स्पीकर डॉ. सिंह ने सभी कांग्रेस सदस्यों का निलंबन वापस ले लिया।
विधानसभा में आज की कार्यवाही के दौरान नकटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि नकटी गांव में जिन 85 घरों को तोड़ा गया, उनमें से कई घर पीएम आवास से बने थे। पक्की बिजली, पानी की सुविधा थी। गरीबों को पीटकर उनका घर ढहा देना, कहां तक उचित है। इस मामले में सरकार के और न ही मंत्रिमंडल के सदस्यों ने दया दिखाई। उन्हें जो वैकल्पिक घर दिया जा रहा है, वह बहुत छोटा है। अतः जब तक उनकी आवास व्यवस्था न हो जाए, तब तक उनका घर न तोड़ा जाए। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि उजाड़ने से पहले पुर्नवास की व्यवस्था होनी चाहिए। सांसद के आश्वासन के बाद भी बुलडोजर की कार्रवाई निंदनीय है। कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने कहा कि इस बरसात के समय में क्यों ये काम किया गया। इसमें पीएम आवास वाले 13 लोग भी शामिल है। इस कार्रवाई में पशुधन की भी हानि हुई है। वहीं कवासी लखमा ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई को चार-पांच महीने पीछे कर देती तो क्या हो जाता। रात को सोते हुए लोगों पर कार्रवाई की गई। देवेंद्र यादव ने कहा कि इस मामले में सुनियोजित तरीके से लोगों पर अत्याचार किया गया। पुलिसिया कार्रवाई की गई। इसमें पशुधन भी मारे गए। वहीं रामकुमार यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार देखे गए हैं। गरीब आदमी पर ताकत दिखाई है। लखेश्वर बघेल ने कहा कि विधायक कॉलोनी के लिए गरीबों के मकान तोड़ा जाना उचित नहीं है। इस पर भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि नकटी में विधायक कॉलोनी निर्माण को लेकर यदि दस्तावेज है, तो उसे सदन की पटल पर रखा जाना चाहिए। इस बीच दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई पूर्णतः वैधानिक हैः मंत्री वर्मा
स्थगन प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन में स्पष्ट किया कि वहां पर अतिक्रमित जमीन पर की गई कार्रवाई पूर्णतः वैधानिक है। अतिक्रमण की शिकायत की गई थी, जिसकी जांच अतिरिक्त तहसीलदार ने की। अवैध कब्जे पाए जाने पर उसे हटाने का आदेश 2025 में पारित किया गया। उसके बाद बेदखली की कार्रवाई की गई। मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण कब्जाधारियों को हटाने से पहले उन्हें अपने सामान हटाने का समय दिया गया। सामान हटाने के लिए मजदूर व वाहन की व्यस्था भी की गई थी। प्रशासन की ओर से सेक्टर-30 नवा रायपुर में प्रभावितों को फ्लैट दिया गया। अतिक्रमणकारियों का पुनर्वास भी किया गया है। कब्जाधारियों के घरेलू सामानों को कोई क्षति नहीं पहुंचाया गया, इसलिए यह कहना सही नहीं है कि तोड़फोड़ के दौरान क्षेत्र वर्षा से प्रभावित था। सभी व्यवस्थित तरीके से अटलनगर नवा रायपुर में फ्लैट दिया गया।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के वक्तत्व सुनने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने इस संबंध में अधिकारियों द्वारा लिखे पत्र को पटल पर रखने की अनुमति मांगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इसे पटल पर प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं देता हूं और स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इससे नाराज विपक्षी कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए और गरीबों को लूटना बंद करो के नारे लगाने लगे। इसी साथ ही नियमानुसार विपक्ष के सभी विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। इसके बाद विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने सभी निलंबित सदस्यों को सदन से बाहर जाने को कहा। विपक्षी सदस्यों के बाहर जाने के पांच मिनट बाद स्पीकर डॉ. सिंह ने कांग्रेस सदस्यों का निलंबन वापस ले लिया।