0 मोदी बोले-युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा ( नीट यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे व्यापक प्रदर्शनों के बीच सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कहा है कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वयं इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, मामले के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गये हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं उनका इलाज चल रहा है।
पेपर लीक केस के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट
देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके। भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और पॉस्को मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।
पीएम ने कहा था- नीच पेपर लीक राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि नीट पेपर लीक की खबर मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। पीएम ने कहा कि आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं और दोषियों को देश के शीर्ष वकीलों की मदद से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नीट पेपर लीक कोई राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।