नई दिल्ली। लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दो बार के स्थगन के बाद जब दो बजे पुनः शुरू हुई तो हंगामे और नारेबाजी के कारण फिर सुचारु रूप से नहीं चल सकी जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए सदस्यों से "लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक-2026" पर चर्चा प्रारंभ करने का आग्रह किया लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस तथा अन्य कई विपक्षी दलों के सदस्यों सदन के बीचोंबीच आ गए और तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों विद्यार्थियों की आकांक्षाओं से जुड़ा है और इसका उद्देश्य पेपर लीक तथा लोक परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर प्रभावी अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति विचार-विमर्श में निहित है और प्रत्येक सदस्य को इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपने विचार एवं मत व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारेबाजी और तख्तियां लहराने से कोई विचार सामने नहीं आते बल्कि लोकतंत्र की ताकत सार्थक चर्चा में है इसलिए चर्चा करके लोकतंत्र के हित में काम करना चाहिए।
उन्होंने सदस्यों को बताया कि आप विधेयक पर चर्चा कीजिए। विधेयक पर छह घंटे चर्चा होनी है और सदन की सहमति से इस विधेयक पर आवश्यकता पड़ने पर अधिक समय तक भी चर्चा कराई जा सकती है, ताकि सभी सदस्य अपने सुझाव और मत रख सकें। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटकर विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है और विपक्ष के अनेक सदस्य भी इस पर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक पर बड़ी संख्या में संशोधन और चर्चा के नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सदस्य इस पर अपने विचार रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि जब सदस्य चर्चा के इच्छुक हैं तो कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्य चर्चा के समय नारेबाजी क्यों कर रहे हैं।
श्री बिरला ने एक बार फिर सभी दलों के सदस्यों से विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहमति बनाने पर विचार कीजिए इसलिए वह सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर रहे हैं। उन्होंने सदस्यों से फिर अपनी सीटों पर लौटकर विधेयक पर चर्चा कराने की अपील की लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्हें सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।