Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 इसमें 5 महिला नक्सली, 49 लाख के इनामी थे
0 पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
बीजापुर। झारखंड के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रहे 8 नक्सली कैडरों ने बुधवार को बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें पांच महिला माओवादी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी पर मिलाकर 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और जिले में चल रहे पुनर्वास कार्यक्रमों से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और बीजापुर पुलिस का समन्वय
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण की इस प्रक्रिया में झारखंड पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और बीजापुर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया। सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से माओवादी कैडरों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया।

इन माओवादियों पर था लाखों का इनाम
आत्मसमर्पण करने वालों में अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन और दोबा माड़वी उर्फ राहत पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं फगनी पोयम उर्फ रजनी, सूरज मुन्नी चम्पिया उर्फ सुबनी, हिड़मे कड़ती उर्फ रीता, बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा और सलमी चम्पिया उर्फ जिलानी पर 5-5 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।

हिंसक विचारधारा से मोहभंग के बाद लिया फैसला
पुलिस के अनुसार, सभी माओवादी लंबे समय से प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े थे और झारखंड के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, संगठन के कमजोर होते प्रभाव, हिंसक विचारधारा से मोहभंग और पहले आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों के सफल पुनर्वास से प्रेरित होकर उन्होंने हथियार छोड़ने का निर्णय लिया।

पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी कैडरों को शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन और पुलिस उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक तरीके से पुनर्स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन देंगे।