नई दिल्ली। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई,चढ़ावा चोरी की जांच तथा अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने मंगलवार को विनियोग (संख्या-3) विधेयक 2026 बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया।
विधेयक के पारित होने के तत्काल बाद पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने लगातार जारी नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
श्री सैकिया ने एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की तो विपक्षी सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए और तख्तियां लहराते हुए सदन के बीचों बीच आ गए। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से बार-बार अपनी सीटों पर लौटने और तख्तियां नहीं लहराने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा जारी रहा। श्री सैकिया ने हंगामे के बीच आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और फिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 पेश किया जिसे सदन ने बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया।
श्रीमती सीतारमण ने इसी दौरान कराधान तथा अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026 भी सदन में प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य कर व्यवस्था का आधुनिकीकरण, डिजिटल वित्तीय प्रणाली को सुदृढ़ करना, विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में करदाताओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इससे संबंधित विस्तृत जानकारी और प्रमुख प्रावधानों को सरल तथा स्पष्ट भाषा में दिया गया है, ताकि करदाता और अन्य हितधारक प्रस्तावित संशोधनों को आसानी से समझ सकें।
इससे पहले सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई और अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल आरंभ किया तो कांग्रेस के सदस्य 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने तथा गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। समाजवादी पार्टी के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच की मांग उठा रहे थे, जबकि द्रमुक के सदस्य मेकेदातु बांध परियोजना के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे। अध्यक्ष ओम बिरला के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा नहीं थमा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।