0 भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र हॉस्पिटल में भर्ती
रांची। झारखंड के रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्र बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा गेट के पास पहुंच गए। छात्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें गेट से हटाने की कोशिश की, लेकिन नहीं हटे तो लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। छात्रों को खदेड़ने के लिए पुलिस को वाटर केनन भी छोड़ना पड़ा। इधर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की धरनास्थल पर तबीयत बिगड़ गई। पुलिस प्रशासन ने उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कई बार पुलिस और छात्रों के बीच झड़प की नौबत आई। दो-तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा। कुछ छात्रों के सिर पर चोटें आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकीं।
इससे पहले आंदोलनकारी छात्र सुबह 10 बजे ओल्ड विधानसभा के पास एकत्रित हुए और फिर विधानसभा के घेराव के लिए निकले। पुलिस ने कंटीले तार की बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने जैसे ही वाटर कैनन का इस्तेमाल किया छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर डांस करते नजर आए। कुछ छात्रों ने राष्ट्रगान गाया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
इधर, सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। 21 जुलाई को जेपीएससी ऑफिस में रेड के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सीआईडी उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। झारखंड पीएससी-एसएससी की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर 17 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। देवेंद्रनाथ महतो समेत 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं। वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा- पुलिस ने धक्का मारा, जिससे पैर में चोट लगी
प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने कहा कि जब भगदड़ मची तो हम पुलिस के बिल्कुल बीच में थे। पुलिस ने मुझे इतनी जोर से धक्का दिया कि मेरे पैर में चोट लग गई। भविष्य में मेरे पैर में कोई दिक्कत आती है, तो क्या झारखंड सरकार या पुलिस इसकी ज़िम्मेदारी लेगी? हम कुछ नहीं कर रहे थे। हम बस वहीं बैठे थे।
पुलिस ने खदेड़ कर छात्रों को पीटा
एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा कि एक भी महिला पुलिस कर्मी नहीं थी, सभी लोगों को खदेड़ कर मारा जा रहा है। एक तरफ झारखंड सरकार 'महिला सम्मान योजना' चलाती है, तो दूसरी तरफ ये लोग माताओं-बहनों के साथ मारपीट करते हैं। इन्हें काली वर्दी पहनाई जानी चाहिए।
छात्र नेता रविंद्र ने कहा- सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं है। सरकार की मंशा हमारे साथ नहीं है। अब यह आंदोलन जन आंदोलन की ओर कूच कर चुका है। अब हम सीधे मुख्यमंत्री से बात करेंगे। उनके प्रतिनिधिमंडल के पास न तो तर्क है और न ही तर्क को समझने की शक्ति है।
सरकार के फैसले पर निर्भर करती है आगे की रणनीतिः देवेंद्र नाथ
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हमारी आगे की रणनीति सरकार के फैसले पर निर्भर करती है। यह आवाज सिर्फ देवेंद्र नाथ महतो की नहीं है। यह उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर टिका है।
पुलिस ने कंटीले तार लगाए, वॉटर कैनन का प्रयोग किया। आंसू गैस छोड़ी गई। लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कुछ छात्र घायल हुए।