नागपुर। शेयर बाजार में मंगलवार (15 सितंबर) को भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार की बिकवाली में डिफेंस सेक्टर फोकस में रहा। क्योंकि सेक्टर के शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
सोलर इंडस्ट्रीज, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, मिश्र धातु निगम और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में करीब 7 से 15 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 6 फीसदी गिरकर 9,144.15 पर बंद हुआ।
डिफेंस शेयरों में तेज गिरावट क्यों?
एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट सनी अग्रवाल के मुताबिक निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में गिरावट की दो बड़ी वजह हैं एचएएल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर इंडस्ट्रीज की डिफेंस इंडेक्स में कुल हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा है। मंगलवार को ये तीनों शेयर दबाव में थे। एचएएल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर करीब 3 से 3.5 फीसदी टूट गए, जबकि सोलर इंडस्ट्रीज में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। इन बड़े शेयरों में कमजोरी का असर पूरे डिफेंस इंडेक्स पर पड़ा। अग्रवाल ने बताया कि पिछले हफ्ते बाजार को उम्मीद थी कि ब्रिक्स सम्मेलन से अलग भारत और रूस के बीच किसी बड़े रक्षा सौदे की घोषणा हो सकती है। ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ। पहले से कमजोर बाजार में इस निराशा के बाद निवेशकों ने डिफेंस शेयरों में मुनाफावसूली की।
सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर क्यों टूटा?
सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर कारोबार के दौरान करीब 14 फीसदी टूटकर 19250 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की ओम्निया होल्डिंग्स को खरीदने का ऐलान किया है। यह डील करीब 1.355 अरब डॉलर यानी लगभग 12,951 करोड़ रुपये में होगा। कंपनी पूरी रकम नकद चुकाएगी। बाजार ने इस बड़े अधिग्रहण पर अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसका असर शेयर पर पड़ा। सनी अग्रवाल के मुताबिक कमजोर बाजार के बावजूद सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर इससे पहले काफी मजबूत प्रदर्शन कर रहा था। इसलिए मंगलवार की गिरावट में मुनाफावसूली की भी भूमिका रही।
डिफेंस इंडेक्स के लिए कौन-से स्तर अहम?
ग्लोब कैपिटल मार्केट के रिसर्च एवीपी विपिन कुमार ने कहा कि निफ्टी डिफेंस इंडेक्स लंबे और छोटे समय के औसत स्तरों से ऊपर रहते हुए लगातार नई ऊंचाई और ऊंचे निचले स्तर बना रहा था। मंगलवार की तेज गिरावट के बाद इंडेक्स अपने दो महीने के औसत स्तर से नीचे चला गया। अब यह 9,170 से 9,135 के अहम सपोर्ट के करीब पहुंच गया है। इसी दायरे में छह महीने के औसत स्तर का सहारा भी मौजूद है।
विपिन कुमार के मुताबिक अगर डिफेंस इंडेक्स 9,135 के नीचे मजबूती से बंद होता है तो निकट अवधि में यह गिरकर 8,800 से 8,650 के दायरे तक जा सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर एचएएल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर इंडस्ट्रीज जैसे ज्यादा हिस्सेदारी वाले शेयरों के साथ 9,135 के अहम स्तर पर रहेगी।