0 सच और झूठ के बीच आंकड़ों में उलझी डिबेट
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में पहली बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के 2 बड़े नेता मंगलवार को प्रेस क्लब में आमने-सामने आए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास को लेकर 1 घंटे 20 मिनट तक बहस चली। दोनों नेताओं ने आवास के अपने-अपने आंकड़े पेश किए। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। रायपुर प्रेस क्लब से यह डिबेट लाइव दिखाई गई। बता दें कि दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद आज ओपन डिबेट तय की गई।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 7 लाख मकान बने। विजय शर्मा ने इसे झूठा बताते हुए दावा किया कि साय सरकार ने 18 लाख मकान स्वीकृत किए हैं। विजय शर्मा ने एआई ग्रोक से सही जानकारी लेने की बात कही। बहस के दौरान विजय शर्मा बार-बार यह कहते रहे कि बघेल जी समझ सब रहे हैं, लेकिन समझाने की कोशिश कुछ और कर रहे हैं। वहीं भूपेश बघेल ने भी कहा -सरकार झूठ परोस रही है। देखा जाए तो यह ओपन डिबेट सच और झूठ के बीच आंकड़ों में उलझी रही।
साय सरकार में अब तक 11 लाख 75 हजार आवासों का निर्माण पूरा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने पीएम आवास योजना को लेकर राज्य सरकार का आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि साय सरकार के कार्यकाल में अब तक 11 लाख 75 हजार आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरे देश में सबसे ज्यादा पीएम आवास छत्तीसगढ़ में बनाए गए। आवास निर्माण पर सरकार की ओर से करीब 16 हजार करोड़ रुपये तीन साल में खर्च किए गए हैं। इसके अलावा अब 3 लाख 65 हजार नए मकानों के निर्माण की स्वीकृति भी मिल चुकी है।
काेरोना के कारण पीएम आवास की स्वीकृति नहीं होने की बात सही नहीं
विजय शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में कोरोना काल के कारण आवासों की स्वीकृति और निर्माण नहीं होने की बात कही जा रही है, लेकिन उनका दावा है कि देश के अन्य राज्यों में उस दौरान भी आवास स्वीकृत किए गए थे। कोरोना काल का हवाला देकर पीएम आवास की स्वीकृति नहीं होने की बात कहना सही नहीं है। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय गरीबों के आवास को लेकर गंभीर लापरवाही हुई थी।
कांग्रेस सरकार में पोर्टल बंद होने की बात गलत : विजय शर्मा
पीएम आवास के पोर्टल को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर विजय शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पोर्टल बंद होने की बात गलत है। इस संबंध में जनता के बीच गलतफहमी नहीं फैलानी चाहिए। पोर्टल खुला हुआ था। यह कहना गलत है कि पोर्टल बंद होने के कारण आवास स्वीकृत नहीं हुए।कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री न्याय आवास योजना के पोर्टल पर पैसा डाला जा रहा था, जबकि पीएम आवास से संबंधित प्रक्रिया अलग थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के आवास को लेकर उस समय की सरकार को जवाब देना चाहिए। विजय शर्मा ने यहां तक कहा कि “कांग्रेस सरकार को गरीबों की आह लगी थी।
कांग्रेस सरकार में केंद्र ने बंद कर दिया था पीएम आवास का पोर्टल : बघेल
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम आवास को लेकर साय सरकार के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 46 लाख मकान बनाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। बघेल ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय केंद्र सरकार की ओर से पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। पोर्टल बंद होने के कारण उनकी सरकार के समय पीएम आवास की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके चलते लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला।
भूपेश बघेल ने कहा-झूठ परोसना बंद करे सरकार
भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान साय सरकार की ओर से 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से भी 10 लाख मकानों की स्वीकृति दिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने इन आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा- चीत भी मेरा, पट भी मेरा। पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर बहस के दौरान भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “झूठ परोसना बंद कर दीजिए। उनकी सरकार के समय केंद्र की ओर से पोर्टल बंद किए जाने की वजह से पीएम आवास के निर्माण में दिक्कत आई थी। बघेल ने सरकार के मौजूदा दावों और उनके कार्यकाल के आंकड़ों को लेकर भी सवाल खड़े किए।
भूपेश बोले- हमने 7 लाख आवास स्वीकृत किए
डिबेट में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए। 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 का लक्ष्य था। 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। कोरोना काल में किसी सरकार के पास पैसा नहीं था। 2022-23 में पोर्टल बंद कर दिया गया। हमने भारत सरकार से अपना पैसा मांगा, चिट्ठी लिखी गई। पत्राचार किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार 18 लाख आवास बचे थे। 6 लाख 97 हजार हमने स्वीकृत किए। ये आंकड़े पेश करने के दौरान विजय शर्मा ने मंच पर कहा कि एक बार गणना पूरी करिए। गणित सही होनी चाहिए।
कौन सच बोल रहा पत्रकार खुद खोज लेंगेः बघेल
भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र ने हमें राशि ही जारी नहीं की। पोर्टल बंद था। सही क्या था, पत्रकार खुद ही खोज लेंगे कि कौन सच बोल रहा है। 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए।
बहस के बाद भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े
कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रेस क्लब के अंदर जाने दिया गया, जबकि कांग्रेसियों को बलपूर्वक रोका गया। बहस खत्म होने के बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हालांकि, पुलिस ने मामले को शांत कराया।