0 कहा-मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, सरकार ने उन्हें कानून से ऊपर रखा
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, एसआईआर और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी।
राहुल ने बताया कि भारत में हर सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी होती है, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी हारीं, फिर भाजपा के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। इसकी वजह ज्ञानेश कुमार हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में धांधली की। इससे मोदी-शाह के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं आई।
राहुल ने 2025 में एसआईआर पर तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। तब उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने आयोग को सरकार की ‘बी टीम’ भी कहा था।
राहुल ने कहा कि जब मैं 7 साल का था, 1977 में इंदिरा गांधी पीएम थीं। हर कोई जानता था, खुद उनको भी पता की वह हार जाएंगी। महसूस हो जाता है कि आप हार जाएंगे। आपकी फीलिंग एक बार गलत हो सकती है, दो बार गलत नहीं हो सकती। दो-तीन चुनाव ऐसे थे जब हम टेक्निकली देख रहे थे। धीरे-धीरे वोट चोरी का शक बढ़ने लगा। फिर हम उस पर काम करने लगे।
राहुल ने कहा कि देश में वोट, कानून, संस्था और संविधान के बीच की कड़ी टूट गई है। सबको पता है कि सिस्टम डैमेज हो चुका है। लेकिन मोदी और शाह अपनी जांच थोड़ी करेंगे। पहले सिस्टम की रिपेयरिंग होगी, फिर जांच होगी। विपक्ष में इस बात को लेकर 100% एग्रीमेंट है कि वोट चोरी हो रही है। भाजपा के अंदर भी लोग कह रहे हैं। हम सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर इसके खिलाफ काम करेंगे और संविधान की रक्षा करेंगे।
राहुल ने कहा कि भाजपा को पता है कि जेन-जी उन्हें वोट नहीं देना चाहते। वे उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट से कंट्रोल खत्म हो गया है। उसकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है। वे भी इसे मान भी रहे हैं। और मुझे उनके बीच आपस की बातचीत की जानकारी है।
राहुल ने पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह समेत 19 लोगों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि यह सभी लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।