0 2 दिन की मिली रिमांड, सौरभ चंद्राकर के साथ काम करने का दावा
रायपुर। महादेव सट्टा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांटेड आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। वह दुबई से भारत लौटा था। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सीबीआई ने उसे अरेस्ट कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। सीबीआई को कोर्ट से उसकी 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद आरोपी को रायपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक महादेव बुक के जरिए ऑनलाइन सट्टा और जुआ चलाने, पैनल के बीच तालमेल और सट्टे से जुटाई गई रकम के कलेक्शन में सक्रिय था। सीबीआई का दावा है कि सट्टे से कमाए गए पैसों से अभिषेक ने दुबई में अचल संपत्तियां भी खरीदी थीं। गिरफ्तारी के बाद तलाशी में उसके कब्जे से कुछ महत्वपूर्ण सामग्री भी जब्त की गई है।
सौरभ चंद्राकर के साथ काम करने का दावा
सीबीआई के अनुसार, अभिषेक कुमार की भूमिका महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में सामने आई हैं। जांच में जब्त सामग्री से उसके सक्रिय रूप से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि वह महादेव ऐप के मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था।
रायपुर में 2 दिन की पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। कोर्ट से सीबीआई को उसकी 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद आरोपी को रायपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
13 एफआईआर की जांच सीबीआई के पास
महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में दर्ज 13 एफआईआर राज्य सरकार ने सीबीआई को ट्रांसफर की थीं। सीबीआई ने इन सभी मामलों की जांच अपने हाथ में ली है। सीबीआई के मुताबिक अब तक मामले में 100 आरोपियों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। इनमें महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के लोक सेवक शामिल हैं।
7 रेड कॉर्नर नोटिस, 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे
सीबीआई फरार मुख्य प्रमोटरों को भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं, 2 आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई चल रही है। सीबीआई ने कहा है कि अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार में शामिल सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ अपराध से अर्जित रकम का पता लगाने की कार्रवाई जारी रहेगी।