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0 पीएम मोदी ने उड़ते विमान में यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से की चर्चा 
0 पीएम मोदी ने उनका हालचाल जाना, उनकी सूझबूझ की सराहना की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई लोगों की जान बचाने वाले जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के दौरान दिखाई गई उनकी अदम्य वीरता, तेजी से फैसला करने की क्षमता और सूझबूझ की सराहना की।

श्री मोदी ने सऊदी अरब में इलाज करा रहे कैप्टन मच्छार से फोन पर हुई बातचीत के दौरान कहा कि संकट की घड़ी में सेकंड के बेहद छोटे हिस्से में लिये गये उनके फैसले ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटें आने और जीवन एवं मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बावजूद अपनी जान की परवाह न करते हुए यात्रियों की रक्षा कर कैप्टन मच्छार ने 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा किया है।

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती का संदर्भ देते हुए कहा कि आज पूरा देश गर्व से कह सकता है, "हम जान लेने वाले नहीं बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं और कैप्टन स्मित मच्छार ने वास्तविक जीवन में अहिंसा एवं रक्षा के भाव को चरितार्थ किया है। अगर यह घटना नहीं रोकी गयी होती तो भारत और भारतीय पायलटों की वैश्विक छवि पर गहरा असर पड़ता।" कैप्टन मच्छार ने श्री मोदी के साथ उस भयानक हादसे के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल होकर गिर जाने के बाद भी उन्हें अहसास हुआ कि विमान तेजी से नीचे की ओर जा रहा है।

उन्होंने अपनी बची हुई पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल के अन्य सदस्य अंदर आ सके और विमान पर नियंत्रण पाया जा सका। कैप्टन मच्छार ने बताया कि उस अत्यंत कठिन और मुश्किल क्षण में वह केवल 'हनुमान चालीसा' का पाठ कर रहे थे और ईश्वर की कृपा से ही उनकी जान बच सकी। उन्होंने साझा किया कि वह विदेशों में रहने के बाद भी अपनी भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं और प्रतिदिन अपने दो साल के पुत्र के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

बातचीत के दौरान श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने कैप्टन मच्छार के पिता भूपेंद्र भाई, मां गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बात की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने उन्हें भगवद्गीता के संस्कारों से सींचा है और इन उच्च संस्कारों के लिए उनके माता-पिता वंदनीय हैं। श्री मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और हिम्मत दिखाने के लिए कैप्टन मच्छार की पत्नी सोनल की सराहना की। कैप्टन मच्छार ने भी बताया कि अस्पताल में मिलने आयी उनकी बड़ी बेटी उन्हें इस स्थिति में देखकर बिल्कुल नहीं डरी और हिम्मत बनाये रखी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कैप्टन मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु के लिए देश भर के विभिन्न मंदिरों में महामृत्युंजय जाप, विशेष पूजा और आरतियां की गयी हैं तथा पूरा भारत उनके स्वागत के लिए आतुर है। कैप्टन मच्छार ने बताया कि सऊदी अरब में उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं, श्री मोदी ने कैप्टन मच्छार की देखरेख के लिए सऊदी अरब और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया।

संवाद के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक होकर रो पड़े और कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने के बाद उन्हें स्वयं पर गर्व महसूस हो रहा है। इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि वह हमेशा 'एक फोन कॉल की दूरी पर' हैं। श्री मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत लौटने और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे।