0 इंटरनेट-12 मेट्रो स्टेशन भी बंद
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 700 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इनमें आप नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल है। इस दौरान इंटरनेट और दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया।
प्रदर्शन में राजनीतिक दल और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), एनएसयूआई, और अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
एसआईआर के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए मध्य जंतर मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, मंडी हाउस, जनपथ सहित 12 मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक यात्रियों की आवाजाही बंद कर दी गई। नई दिल्ली जिले में बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के बीच पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। अधिकारियों ने बताया कि स्थल पर किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात की गई है। पुलिस ने बताया कि छात्र संगठनों के करीब 700 सदस्यों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें अशोका रोड गोलचक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कुछ पुलिसकर्मियों को आईं चोटें : डीसीपी
जब जंतर-मंर पर तैनात किसी पुलिसकर्मी को चोट लगने की बात पुलिस से पूछी गई तो नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, कुछ लोगों को चोटें आई हैं; हम आकलन कर रहे हैं।
देश ने एक भयावह किस्म की गांधी जयंती देखीः योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज इस देश ने एक भयावह किस्म की गांधी जयंती देखी। गांधी जयंती के दिन मोदी सरकार ने देश को अंग्रेजों के राज की याद दिला दी। वही पुलिसिया राज, वही लोगों के साथ बर्बरता। लेकिन आज देश ने चश्मे और चरखे वाले गांधी को नहीं, चंपारण और सत्याग्रह वाले गांधी को याद किया। दिल्ली की सड़कों पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग शुरू हो चुका है।
ज्ञानेश कुमार, पीएम और गृह मंत्री अपनी गलतियों को नहीं छिपा सकते
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन न करने देने को लेकर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, 'उन्हें शर्म आनी चाहिए, क्या विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति की जरूरत होती है? आखिरकार, यह गांधी का देश है। आज गांधी जयंती है'। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विरोध प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, 'बिल्कुल!... मैं कहना चाहता हूं कि इसे पुलिस राज्य में बदलने के बावजूद, ज्ञानेश कुमार, पीएम मोदी और अमित शाह अपनी गलतियों को छिपा नहीं पाएंगे।'