0 बुजुर्ग को पटका, सिर के बल गिरा मासूम, ट्रैंक्विलाइजर से किया बेहोश
0 बुजुर्ग की हालत गंभीर, कांग्रेस नेत्री भी घायल
0 घटना के बाद इलाके में दहशत
रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर इलाके में एक आवारा सांड के आतंक से लोगों में दहशत फैल गई है। सांड ने अलग-अलग जगहों पर करीब 15 लोगों पर हमला किया है। हमले में पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल समेत कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
सांड के हमले का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बच्चे को गोद में लिए एक बुजुर्ग पर अचानक हमला करता नजर आ रहा है। सांड के हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल को भी चोटें आई हैं। उन्हें उपचार के लिए बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीछे से आए बेकाबू सांड ने देवनारायण शर्मा को तीन-चार बार उछाला। नाती को बचाने खुद सांड को अपनी ओर बुलाते रहे। चीख सुनकर नानी दौड़ीं और मासूम को उठाकर जान बचाई।
नाना की गोद में था 11 माह का अनय
देवनारायण शर्मा अपने 11 माह के नाती अनय को गोद में लेकर घर के सामने खड़े थे। मासूम अपने नाना की गोद में था और किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ सेकंड में वहां जिंदगी और मौत के बीच ऐसी जद्दोजहद शुरू होने वाली है। अचानक पीछे से बेकाबू सांड ने देवनारायण शर्मा पर हमला कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि देवनारायण शर्मा संभल नहीं सके। सांड की टक्कर से उनकी गोद में मौजूद मासूम अनय उछलकर सड़क पर जा गिरा। बच्चा सांड के अगले पैर के ठीक पास जा गिरा और सांड के पैर की चोट भी उसे लगी। नाना खुद चोट खाते रहे, नाती को बचाने सांड को अपनी ओर बुलाते रहे देवनारायण शर्मा को सांड ने एक-दो बार नहीं, बल्कि तीन-चार बार उछाला, लेकिन जब उन्होंने देखा कि उनका नन्हा नाती सांड के पैरों के पास पड़ा है, तो उन्होंने अपनी चोट और दर्द की परवाह नहीं की। उन्होंने सांड को अपनी ओर बुलाना शुरू कर दिया। देवनारायण सांड को आवाज देकर अपनी तरफ खींचते रहे, ताकि वह बच्चे से दूर हो जाए। जिस सांड ने कुछ क्षण पहले उन्हें जमीन पर पटक दिया था, उसी के सामने वह फिर खड़े थे-अपने लिए नहीं, अपने नाती की जान बचाने के लिए।
ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से सांड को किया बेहोश
लगातार हमलों की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांड को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। टीम ने ट्रैंक्विलाइजर डार्ट का इस्तेमाल कर सांड को बेहोश किया, जिसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से काबू में लिया गया। घटना के बाद गौ सेवकों ने सांड के रेबीज से संक्रमित होने की आशंका जताई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सांड को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन भाग गयाः पार्षद आशु चंद्रवंशी
पार्षद आशु चंद्रवंशी का कहना है कि सांड को पकड़ने की कोशिश की गई। उसे रस्सी से काबू करने का प्रयास हुआ, लेकिन सांड रस्सी तोड़कर भाग निकला। स्थिति गंभीर होने पर वन विभाग की मदद ली गई।
ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने नियमित भेजी जाएगी काऊ कैचर टीमः महापौर
महापौर मीनल चौबे ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह पहला अवसर है, जब कोई सांड़ इस हद तक बेकाबू हुआ कि उसे नियंत्रित करने के लिए वन विभाग की मदद लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नगर निगम लगातार एक्शन लेता रहेगा। काऊ कैचर टीम से आवारा मवेशियों को सड़कों व रिहायशी क्षेत्रों से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने जताई चिंता
घटना को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भी चिंता जताई है। उन्होंने राजधानी में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सरकार और नगर प्रशासन पर सवाल उठाए। विकास उपाध्याय ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर में आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आवारा पशुओं के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।