0 पीएम मोदी ने 21 हजार करोड़ की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया
पुणे/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 21 हजार करोड़ की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि देश की कई पीढ़ियों ने गरीबी खत्म करने के वादे सुने हैं। पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नारों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे खत्म करने के लिए जमीन पर काम हो रहा है।
10-12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में भारत की चर्चा दो और वजहों से हो रही है। पहली, दुनिया में मुश्किल हालात के बावजूद भारत सबसे तेज आर्थिक विकास करने वाला देश बना हुआ है। दूसरी, सिर्फ 10 से 12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है। महाराष्ट्र में खराब मौसम से कई किसान परेशान हैं। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पिछले कुछ सालों में जल संरक्षण के लिए काम हुआ है, लेकिन प्राकृतिक आपदा से किसानों को नुकसान हुआ है। इस मुश्किल समय में एनडीए सरकार किसानों की हर संभव मदद करेगी। देश के सैकड़ों छोटे शहरों को भी विकास के केंद्र के रूप में तैयार करना होगा। इसी सोच के साथ इस साल फरवरी में अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी गई थी। केंद्र सरकार इस फंड के लिए 1 लाख करोड़ की मदद दे रही है। पुणे मेट्रो लाइन का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी से हुआ है। यह विकास का ऐसा मॉडल है, जिसकी सफलता से देश की तरक्की को और रफ्तार मिलेगी। पुणे मेट्रो के विस्तार से लोगों का समय बच रहा है और सफर आसान हो रहा है। जब किसी शहर में लोगों का समय बचता है, तो वहां काम करने की क्षमता बढ़ती है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। अर्थव्यवस्था बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग, दोनों को लाभ मिलता है।
पुणे ने देश और समाज को हमेशा दिशा दिखाई
प्रधानमंत्री ने पुणे को विचारों का ऐतिहासिक केंद्र बताया जिसने देश और समाज को हमेशा दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि यह शहर अब युवाओं की आकांक्षाओं के केंद्र के रूप में आईटी, ऑटोमोबाइल, औषधि उद्योग, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्रों में 'विकसित भारत' की नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे में मजबूत होती यहां की मेट्रो कनेक्टिविटी, पुणे शहर के विकास को नई गति देने जा रही है। प्रधानमंत्री ने बताया, पुणे मेट्रो का विस्तार यह दिखाता है कि आधुनिक शहरों को विकसित भारत के लिए किस तरह तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शहरों को केवल उद्योगों, खान-पान या स्थानीय उत्पादों जैसे पारंपरिक पैमानों से नहीं आंका जाता, बल्कि उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और जीवन जीने की सुगमता से परखा जाता है। मेट्रो नेटवर्क इन दोनों को बेहतर बनाता है, जिससे लोगों का यात्रा का समय बचता है और उन्हें काफी सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों का समय बचने से शहरी उत्पादकता बढ़ती है जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, "और जब अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है, तो गरीबों और मध्यम वर्ग, दोनों को इसका लाभ मिलता है।
भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में 1200 किलोमीटर तक फैल गया
प्रधानमंत्री ने इस अवसर को लोक-हितैषी और सक्रिय शासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इस बात का उल्लेख किया कि विगत 12 वर्षों में भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैल गया है जिससे प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्कों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में भी 2014 के बाद से देश जैसा ही बदलाव आया है जब राज्य में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइनें चालू थीं जबकि अब लगभग 175 किलोमीटर मेट्रो लाइनें सेवा में हैं, वहीं 680 किलोमीटर से अधिक पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि यह पैसा श्रमिकों की जेब में जा रहा है, इंजीनियरों को काम दे रहा है और दुकानों तथा कारखानों में भी आजीविका के अवसर पैदा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने नवीन उद्घाटन किए गए कॉरिडोर की एक और विशेषता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह मेट्रो लाइन सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के अंतर्गत सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से निर्मित की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसकी सफलता से देश की प्रगति को और गति मिलेगी।
युवा बेटे-बेटियां 'विकसित भारत' के निर्माण में जुटे हैं
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का हर नागरिक और युवा बेटे-बेटियां 'हम यह करके दिखाएंगे' की भावना के साथ 'विकसित भारत' के निर्माण में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों में देश ने ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, नई और विद्युतीकृत रेल लाइनों, लंबी सुरंगों और ऊंचे पुलों के निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। श्री मोदी ने बल देकर कहा कि अब आने वाले वर्षों में इसके साथ ही, देश अपनी ऊर्जा अपने शहरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक बनाने में लगाने वाला है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि शहर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के मुख्य इंजन होते हैं और सैकड़ों छोटे शहरों को विकास के केंद्रों में बदला जाना चाहिए। उन्होंने इस वर्ष फरवरी में 'अर्बन चैलेंज फंड' को स्वीकृति दिए जाने का उल्लेख किया। इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में निवेश जुटाने के लिए केंद्र सरकार 1 लाख करोड़ रुपये की सहायता देगी। उन्होंने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र के साझेदारों से आग्रह किया कि वे इस प्रयास में मिशन के रूप में शामिल हों। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि महाराष्ट्र इसमें अपनी भूमिका का और विस्तार करेगा।
भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से गरीबी घटाने वाला देश भी
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है और सबसे तेजी से गरीबी घटाने वाला देश भी है– ये दोनों उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक बढ़ती अर्थव्यवस्था और विस्तारित बजट बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश को सक्षम बनाता है जबकि जो पैसा कभी घोटालों और लीकेज में खो जाता था वह अब सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब देश के खज़ाने का पैसा, रोड, रेल, एयरपोर्ट, मेट्रो में लगता है, जब सरकार बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन पर निवेश बढ़ाती है, तब लोगों का जीवन भी सुधरता है और उनके लिए रोजगार के मौके भी बढ़ते हैं। पीएम मोदी ने कहा, ''ये दोनों उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए घर, शौचालय, हर घर जल नल जल कनेक्शन और रसोई गैस कनेक्शन जैसी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आवश्यक सुविधाओं ने जनता के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और हर दिन मूल्यवान समय की बचत की है। श्री मोदी ने कहा, "और इस समय का उपयोग उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त आय अर्जित करने में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने गरीबों को सशक्त बनाने से उन्हें गरीबी से उबरने का साहस मिलता है, इस मंत्र द्वारा निर्देशित सरकार के प्रमुख के रूप में पिछले महीने अपने 25 साल पूरे करने को याद करते हुए योजना वितरण पर ध्यान केंद्रित करने और गरीबी के खिलाफ संकल्प के लिए लाभार्थियों को मंच पर आमंत्रित करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गरीब कल्याण मेलों की शुरुआत करने का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा, "वे गरीबी को परास्त करने का संकल्प लेते थे और एक आत्मविश्वास लेकर आयोजन से लौटते थे।" प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय शुरू किया गया मिशन 'सशक्त बनाने की शक्ति' के रूप में सच्चे सुशासन के साथ बिना रुके आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बल देकर कहा कि यह बदलाव अचानक नहीं हुआ बल्कि वर्षों की सोची-समझी और सुनियोजित प्रयासों का नतीजा है। श्री मोदी ने कहा, "इस तरह, 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को पराजित किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि गरीबी कम होने से न केवल उन परिवारों को लाभ होता है जो अभाव से बाहर निकलते हैं, बल्कि पूरे देश के हित होता है। इससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान आती है और एक नया मध्यम वर्ग बनता है जिसकी क्रय क्षमता बाजार में मांग बढ़ाती है और दुकानों से लेकर कारखानों तक नई संभावनाएं पैदा करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इसका अर्थ यह है कि भारत में कम होती गरीबी, भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा रही है।"
विकसित भारत की यात्रा में किसानों की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की यात्रा में किसानों की अहम भूमिका और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों का उल्लेख करते हुए महाराष्ट्र के किसान परिवारों की कठिनाइयों का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर जल संरक्षण के काम होने के बावजूद खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण वहां के किसान परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने सूखे की स्थिति, राज्य सरकार की ओर से दी जा रही अग्रिम सहायता और 'पीएम किसान' निधि के हस्तांतरण का उल्लेख करते हुए किसानों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। श्री मोदी ने कहा, "आप बिल्कुल चिंता न करें, हम सब किसानों के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने त्योहारों के इस मौसम में नागरिकों को उनके सामाजिक उत्तरदायित्व की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें सूखे से प्रभावित लोगों, किसान परिवारों और मुश्किलों का सामना कर रहे अन्य लोगों का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि उनके घरों में भी दिवाली की खुशियां बनी रहें। उन्होंने देशवासियों से इस आपदा का मिलकर सामना करने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम सब मिलकर ही इस आपदा का सामना करेंगे। प्रधानमंत्री ने मेट्रो परियोजनाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए इस बात पर बल दिया कि 'सबका प्रयास' ही 'विकसित भारत' की प्राणवायु है। श्री मोदी ने कहा, "इसी भावना के साथ हमें देश के विकास में जुटे रहना है।
पुणे मेट्रो की लाइन-3 करीब 23 किलोमीटर लंबी है
पुणे मेट्रो की लाइन-3 यानी पिंक लाइन करीब 23 किलोमीटर लंबी है। यह मान से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक जाती है। इससे हिंजवड़ी IT हब और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होगी। इससे हजारों IT कर्मचारियों और दूसरे यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी। पीएम ने पुणे मेट्रो के दूसरे फेज की आधारशिला भी रखी। इस पर करीब ₹13,500 करोड़ खर्च होंगे। इसमें मेट्रो की लाइन 2A, 2B, 4 और 4A बनाई जाएंगी। इनके शुरू होने से शहर के रिहायशी, व्यावसायिक और IT इलाकों के बीच सफर आसान होगा।