0 अभ्यास में दोनों देशों की तीनों सेनाओं के जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया
विशाखापत्तनम। भारत और अमेरिका की सेनाओं के विशाखापत्तनम में छह दिन चले संयुक्त अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ -2026 ' में आपदा राहत और उभयचर अभियानों में तालमेल बढ़ाने पर जोर रहा। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस अभ्यास में दोनों देशों की तीनों सेनाओं के जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा के समय मिलकर राहत अभियान चलाने और संयुक्त सैन्य अभियानों में आपसी तालमेल बढ़ाना था। यह इस अभ्यास का पांचवां संस्करण था, जो 31 अक्टूबर से पांच नवंबर तक हुआ। इसमें स्टाफ अभ्यास (स्टाफएक्स) और टेबलटॉप अभ्यास (टीटीएक्स) के जरिए सैन्य योजनाओं और अभियान संचालन पर काम किया गया। खास तौर पर संयुक्त उभयचर अभियानों पर ध्यान दिया गया।
स्टाफ अभ्यास के दौरान सैन्य योजना बनाने, व्याख्यान और विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इसमें साइबर क्षेत्र और चिकित्सा अभियानों जैसे विषय भी शामिल रहे। टेबलटॉप अभ्यास में तैयार की गई योजनाओं को काल्पनिक अभियान की स्थिति में आजमाया गया। इससे दोनों देशों की सेनाओं को आपसी तालमेल और अभियान के दौरान आने वाली चुनौतियों को समझने का मौका मिला। समापन समारोह में भारतीय पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के वाइस कमांडर रियर एडमिरल जोकिन जे. मार्टिनेज डी पिनिलॉस सहित दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। टाइगर ट्रायम्फ अभ्यास पहली बार 2019 में हुआ था। इसका 2026 का संस्करण दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और संयुक्त आपदा राहत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।