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चीन से निपटने की क्या है भारत की तैयारी?

हाल के दिनों में एक बार फरि चीन और भारत के संबंध काफी तल्ख हो गए हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात है।

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फिर ना मिला भारत को इनके जैसा नेता

आज के नेतागण जो हजारों करोड़ों के घोटाले डकार कर भी उफ तक नहीं करते वह शायद उस महान शख्स की महानता को नहीं समझ सकते जिसने प्रधानमंत्री पद पर होते हुए भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कभी किसी गलत कार्य से नहीं की बल्कि हमेशा प्रधानमंत्री पद पर होते हुए भी अपन

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खुद से युद्ध की प्रेरणा देने वाले अहिंसक गांधी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन 2 अक्टूबर अब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : भारत के एनर्जी इकोसिस्टम में परिवर्तन के वास्तुकार

ग्रीन हाउस गैसों/सीओ2 उत्सर्जन के कारण ग्लोबल वार्मिंग ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है; इससे स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का दबाव भी बढ़ा है।

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कृषि क्षेत्र का पुनर्जीवन एवं किसानों का सशक्तीकरण

कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारे देश का लगभग 44 फीसदी श्रमबल खेती और इससे जुड़े कामधंधों से रोजगार प्राप्त करता है, या यूं भी कहा जा सकता है कि देश की 70 फीसदी आबादी खेती पर ही निर्भर है।

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भारत बंद जैसे हालात कब तक ?

क्ेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियनों का भारत बंद एक बाद फिर आम जनता के लिये परेशानियों का सबब बना।

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देश के पर्यटन नक्शे में तेजी से उभरता छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ एक ऐसी पवित्र भूमि है, जहां वनवास काल में भगवान राम के चरण उत्तर में कोरिया जिले के सीतामढ़ी हरचौका से दक्षिण में सुकमा जिले के कोंटा तक पड़े।

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देश से पहले दलों में लोकतंत्र आए

भारत के लोकतंत्र की अजीब विडम्बना यह है कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल तो हैं किंतु राजनीतिक दलों में लोकतंत्र नहीं है।

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उम्मीद है यह पहला कदम होगा आखरी नहीं

2021 में भारत को स्वराज प्राप्त हुए 74 वर्ष पूर्ण हुए और हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर देश स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है।

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पंडित उपाध्याय विचार ही नहीं, व्यक्ति-क्रांति के प्रेरक

एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं सदी के वैचारिक युगपुरुष थे, वे अजातशत्रु थे।