मुंबई। देश की सर्वोच्च अदालत ने आज वेश्यावृत्ति को लेकर बड़ा फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट की फैसले के मुताबिक अब देश वेश्यावृत्ति एक वैध पेशा होगा। इस मामले में अहम निर्णय करते हुए न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पुलिस इसमें दखलंदाजी नहीं कर सकती और न ही सहमति से यह कार्य करने वाले सेक्स वर्कर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आज गंगूबाई काठियावाड़ी की याद दिला रहा है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस लड़ाई को लड़ते हुए बिता दिया। हाल ही में रिलीज हुई आलिया भट्ट की फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी सेक्स वर्कर्स और उनके संघर्षों पर आधारित है। आइए जानते हैं वेश्यावृत्ति या सेक्स वर्कर्स पर बनी ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में-
प्यासा (Pyaasa)
साल 1957 में आई फिल्म ‘प्यासा’ एक अकेले और बेरोजगार युवा कवि की कहानी पर आधारित है। गुरुदत्त की इस फिल्म के आखिर में यह कवि गुलाबो नाम की वेश्या के साथ अपनी जीवन गुजारने का फैसला करता है। समाज के ऊंचे लोगों के बीच उसे जो जगह नहीं मिली, वह भद्रता और सभ्यता उसे गुलाबो में मिलती है
चमेली (Chameli)
सुधीर मिश्रा द्वारा निर्देशित फिल्म चमेली साल 2004 में रिलीज की गई थी। फिल्म की कहानी एक ऐसे आदमी के ईर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी के मरने के बाद एक वेश्या के साथ काल्पनिक प्यार करने लगता है। शुरुआत में तो फिल्म वेश्यावृत्ति से जुड़ी पारम्परिक धारणाओं को दिखाती है, लेकिन बाद में यह फिल्म उन चीजों से आगे निकल जाती है।
मंडी (Mandi)
श्याम बेनेगल के निर्देशन मेें बनी फिल्म मंडी साल 1983 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म पाकिस्तानी लेखक गुलाम अब्बास की कहानी पर आधारित है। फिल्म में भ्रष्ट और दोहरे मर्दवादी समाज को दिखाया गया है, जो नैतिकता के नाम पर वेश्याओं और उनके पेशे से घृणा करते हैं।
बेगम जान (Begum Jaan)
बेगम जान एक बॉलीवुड ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है। साल 2017 में आई इस फिल्म का निर्देशन श्रीजीत मुखर्जी ने किया है। फिल्म में विद्या बालन, ईला अरूण, नसीरउद्दीन शाह, चंकी पांडे, पल्लवी शारदा, मिष्टी, फ्लोरा सैनी, रिद्धिमा तिवारी, रजित कपूर, आशिष विद्यार्थी, विवेक मुश्रा मुख्य भूमिका मे हैं। ये फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है, जिसमें एक कोठे वाली दो मुल्कों की सरकारों से अपना कोठा बचाने की लड़ाई लड़ रही है। फिल्म में विद्या कोठे वाली की भूमिका में नजर आई हैं।
लागा चुनरी में दाग (Laga Chunari mein Daag)
लागा चुनरी में दाग एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है जिसका निर्देशन प्रदीप सरकार ने किया है। फिल्म में अभिषेक बच्चन, जया बच्चन, रानी मुखर्जी, कोंकर्णा सेन शर्मा आदि मुख्य भूमिकाओं में हैं। 2007 में आई इस फिल्म की कहानी रानी मुखर्जी और उनके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। पैसों की तंगी के चलते परिवार की मदद करने के लिए बड़की का किरदार निभाने वाली रानी बनारस से मुंबई जाने का फैसला करती है। लेकिन कम पढ़ी-लिखी होने की वजह से उसे कोई नौकरी नहीं मिलती। जिसके बाद हारकर वह जिस्म का सौदा कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करती है।