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0 किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी
0 मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले
वृंदावन/मथुरा। मथुरा के वृंदावन में 30 पर्यटकों से भरी प्राइवेट नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-बेटी शामिल हैं। नाव में सवार सभी पर्यटक बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे और पंजाब से घूमने आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृतकों के प्रति गहरा शोक जताया है। 

डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी की दूरी पर है। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना आ गई है। गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम भी वृंदावन आ गई है।

डीआईजी शैलेश पांडेय ने बताया कि पर्यटक 2 नावों में सवार थे। एक पलट गई, जिस पर 25 से 27 लोग सवार थे। 10 लोगों की मौत हुई है। 12 घायलों को बाहर निकाल लिया गया है। 3 से 5 लोगों के अभी लापता होने की सूचना है। रेस्क्यू टीम लगातार सर्च कर रही हैं।

जिस जगह हादसा हुआ, वहां करीब 30 फीट पानी है। हादसे के बाद नाविक फरार हो गया। शुरुआती जांच से पता चला है कि नाव की क्षमता 15 श्रद्धालुओं की थी, लेकिन नाविक ने 25 लोगों को बिठा लिया था। किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। पांटून पुल की रिपेयरिंग कर रहे लोगों और नाविकों ने कुछ लोगों ने बचा लिया था। स्टीमर पप्पू निषाद चला रहा था। उसने इन पर्यटकों को जुगल घाट से बैठाकर यमुना में विहार करा रहा था। पप्पू को पुलिस ने 6 घंटे बाद हिरासत में ले लिया है।

आर्मी इंजीनियरिंग कोर के सूबेदार अखिलेश पांडेय ने बताया- अगर पर्यटकों ने लाइफ जैकेट पहन रखी होती तो बचने के लिए उन्हें समय मिल जाता। लाइफ जैकेट के साथ एक घंटे तक तैर सकते थे।

नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40kmph स्पीड से चल रही थी। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा, पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई और नाव डूब गई।

राधे गोताखोर ने बताया- पानी 25 फीट गहरा था
राधे गोताखोर ने बताया- वहां पर हमने जाकर नाव को रस्सी से बांधा है। नाव पलटी हुई है और उसमें अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। नहीं, नाव एक ही है और वह पूरी तरह से पलटी हुई है। पानी लगभग 25 फ़ीट गहरा है। हां, उस तरफ पानी का बहाव काफी तेज़ है और चाल भी ज्यादा है।

नाव पीपा पुल से टकराकर पलट गई
नाव में सवार युवक ने बताया कि हम लोग करीब 25-26 लोग एक नाव में सवार होकर यमुना नदी की सैर कर रहे थे। सभी लोग कीर्तन कर रहे थे। 2 से 3 बार नाव वाले से हम लोगों ने कहा भी कि नाव धीमे चलाओ। अचानक तेज़ हवा चलने लगी और नदी के बीच में जो लोहे का अस्थायी पीपा पुल बना हुआ है, हमारी नाव उससे जाकर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज़ थी कि नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते पलट गई। हम सब पानी में गिर गए। चीख-पुकार मच गई। इसके बाद हम लोगों ने कहा गोताखार बुला लो, लेकिन गोताखोरों को नहीं बुलाया। एंबूलेंस भी नहीं आ रही थी। इसके बाद मौजूद दूसरी नावों और स्थानीय लोगों ने आकर हमें बचाना शुरू किया।

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