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वाशिंगटन। अमेरिका में अगले नवंबर में होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से बड़ी संख्या ऐसे उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे से सहमत हैं कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन को धांधली के जरिए विजयी बनाया गया था। अमेरिका में संसदीय और अन्य चुनावों के पहले पार्टियों के भीतर उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया होती है। इसे प्राइमरी कहा जाता है। अब तक रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी में 108 ऐसे उम्मीदवार चुने गए हैं, जिन्हें ट्रंप का कट्टर समर्थक माना जाता है। ये बात अखबार वाशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण से सामने आई है।

प्राइमरी में चुने गए उम्मीदवार सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव, राज्यों के गवर्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए चुनाव लड़ेंगे। इस समय अमेरिका दिख रहे जनमत के ट्रेंड के मुताबिक ये आम अनुमान है कि नवंबर के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भारी सफलता मिलेगी।

असंतुष्ट लोगों की संख्या 56 फीसदी
मंगलवार को प्रकाशित एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडन की लोकप्रियता गिरने का क्रम लगातार तीसरे हफ्ते जारी रहा। रॉयटर्स-इस्पोस सर्वे के मुताबिक राष्ट्रपति के कामकाज को एप्रूव करने वाले (यानी संतुष्ट) लोगों की संख्या 39 फीसदी रह गई है। जबकि उनसे असंतुष्ट लोगों की संख्या 56 फीसदी हो गई है।

राजनीतिक टीकाकारों का कहना है कि देश में बढ़ती महंगाई जो बाइडन के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ईंधन की तेज गति से बढ़ी महंगाई ने बाइडन प्रशासन से असंतुष्ट लोगों की संख्या में काफी इजाफा किया है। अब डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक मतदाताओं में भी उनकी एप्रूवल रेटिंग 74 फीसदी रह गई है, जबकि पिछले अगस्त ये संख्या 85 फीसदी थी। यह ट्रेंड डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।

इस बीच रिपब्लिकन प्राइमरी में ट्रंप समर्थकों को मिली बड़ी सफलता से अमेरिका के उदारवादी खेमों में चिंता बढ़ गई है। थिंक टैंक स्टेट्स यूनाइटेड डेमोक्रेसी सेंटर की संस्थापक जोआना लिडगेट ने अखबार वॉशिंगटन पोस्ट से कहा- ‘जिन पदों पर ये लोग बैठेंगे, वे महत्त्वपूर्ण हैं। इन लोगों के ऊपर ही ये निर्भर करेगा कि हमारा लोकतंत्र कायम रह पाता है या नहीं।’

नवंबर में तय होगी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दिशा
इस अखबार के विश्लेषण के मुताबिक अब तक रिपब्लिकन प्राइमरी में सीनेट के लिए आठ, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के लिए 86, गवर्नर पदों के लिए पांच, और राज्यों के अटार्नी पद के लिए चार ऐसे उम्मीदवार जीते हैं, जिन्हें ट्रंप का घोर समर्थक माना जाता है। इनमें कई ऐसे लोग भी हैं, जो छह जनवरी 2021 को कैपिटॉल हिल (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला करने वाली भीड़ में शामिल थे।

समझा जाता है कि नवंबर में होने वाले मिडटर्म (राष्ट्रपति के कार्यकाल की मध्य अवधि में होने वाले चुनाव) में आने वाले नतीजों के साथ 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दिशा तय हो जाएगी। विश्लेषकों के मुताबिक अगर किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत रोक नहीं लगी, तो ट्रंप के 2024 में फिर चुनाव लड़ने की काफी संभावना है। समझा जाता है कि अगर वे फिर मैदान में उतरे, तो इस बार माहौल उनके पक्ष में रह सकता है।