रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को फिर 600 करोड़ के राशन घोटाले का मुद्दा उठा। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने 5398 दुकानों में 600 करोड़ के चावल घोटाले का आरोप लगाया। इसे लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। शोरगुल-हंगामा को देखते हुए सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान भी 600 करोड़ के पीडीएस घोटाले का मुद्दा उठाया था। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत पर संतोषजनक उत्तर नहीं देने का आरोप लगाकर विपक्ष ने बहिर्गमन किया था। आज शून्यकाल के दौरान फिर उन्होंने यह मुद्दा उठाया और काम रोको प्रस्ताव के जरिए चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह स्वीकार किया है कि घोटाला हुआ है, इसलिए इस मुद्दे पर तत्काल बाकी काम रोककर चर्चा कराई जानी चाहिए।
विधायक शिवरतन शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, सौरभ सिंह और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने भी अपनी बात रखी। बृजमोहन ने कहा कि गरीबों को मिलने वाले चना, चावल और गुड़ में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यह सरकार गरीबों के खाने की चोरी कर रही है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डाका डालने का काम किया है।
पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक ने भी आरोप लगाया कि गड़बड़ी वाली दुकानों के स्टॉक की जानकारी पोर्टल से हटा दी गई है। वहीं भाजपा सदस्य रंजना साहू ने गड़बड़ी कर राशन खाए जाने का आरोप लगाया। इस बीच विवादित शब्द को सदन की कार्यवाही से निकलने पर सत्ता पक्ष की ओर से जोरदार तरीके से विरोध किया गया। शोरगुल के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही थी। इसे देखते हुए आसंदी ने 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।