Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 कुरूद में सबसे ज्यादा 82.6 प्रतिशत और रायपुर दक्षिण में सबसे कम 52.11 प्रतिशत वोटिंग

0 गरियाबंद में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया
0आईटीबीपी का एक जवान शहीद
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 70 सीटों पर शुक्रवार शाम 5 बजे शांतिपूर्ण ढंग से मतदान खत्म हो गया। शाम 5 बजे तक 70.49 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह 2018 से 4.68 प्रतिशत कम है। इसी के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव समेत कई दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई, जिसका फैसला 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद होगा।
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक मतदान के अंतिम आंकड़ों में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतिम आंकड़ा शनिवार को आएगा। दूसरे चरण की 70 सीटों पर हुए मतदान में कुरूद विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 82.6 फीसदी वोटिंग हुई, जबकि रायपुर दक्षिण में सबसे कम 52.11 प्रतिशत मतदान हुआ।
2018 के आंकड़ों की बात करें तो पिछली बार की अपेक्षा इस बार 70 सीटों पर 4.68 फीसदी कम मतदान हुआ है। 2018 में इन सीटों पर 75.17 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार जिले के हिसाब से सबसे कम वोटिंग 58.83 प्रतिशत रायपुर जिले में और सबसे ज्यादा धमतरी जिले में 79.89 प्रतिशत मतदान हुआ है। बिंद्रानवागढ़ के नक्सल प्रभावित 9 बूथों पर 91 फीसदी वोटिंग हुई है।

आईईडी ब्लास्ट में एक जवान शहीद
इस बीच नक्सलियों ने गरियाबंद के बिंद्रानवागढ़ में मतदान खत्म होने के बाद वापस लौट रहे मतदान दल पर नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इसकी चपेट में आकर आईटीबीपी के जवान जोगिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। मैनपुर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बिंद्रानवागढ़ के बूथ में पदस्थ मतदान दल सुरक्षित है और उन्हें रायपुर वापस लाया जा रहा है। वहीं बलौदाबाजार में मतदान की लाइन में लगी एक महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ का सबसे कम मतदान वाला जिला रायपुर
रायपुर जिले की सभी 7 सीटों पर वोटिंग का समय खत्म हो गया है। रायपुर जिला प्रदेश में सबसे कम मतदान वाला जिला बना। रायपुर जिले की सभी 7 सीटों पर शाम 5 बजे तक औसत रूप से 58.83 फीसदी वोटिंग हुई। हालांकि लाइन में लगे लोग वोट डाल सकेंगे। इसका आंकड़ा शनिवार को मिल पाएगा। धरसींवा सीट पर सबसे ज्यादा 71.86 प्रतिशत और रायपुर दक्षिण में सबसे कम 52.11 फीसदी मतदान हुआ। इसी तरह आरंग में 68.60 फीसदी, अभनपुर में 60.13 प्रतिशत, रायपुर ग्रामीण में 53.80 प्रतिशत, रायपुर पश्चिम में 54.68 प्रतिशत व रायपुर उत्तर में 54.50 प्रतिशत मतदान हुआ।

137 बैलेट यूनिट, 113 कंट्रोल यूनिट और 349 वीवीपैट बदले गए
छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि मतदान के दौरान बूथों में मतदाताओं और बूथ प्रभारियों को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद बूथ प्रभारियों ने 70 विधानसभा सीटों में 137 बैलेट यूनिट, 113 कंट्रोल यूनिट और 349 वीवीपैट बदले गए। इस बदलाव के चलते तकनीकी समस्या से ग्रस्त बूथ में कुछ देर के लिए मतदान रोकना पड़ा।

5 मतदाताओं के लिए आयोग ने बनाया बूथ
कोरिया जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 भरतपुर-सोनहत के मतदान केंद्र क्रमांक 143 शेराडांड में 5 मतदाताओं के लिए, मतदान क्रमांक 139 कांटों में 12 मतदाताओं के लिए व मतदान केंद्र 162 रेवला में 23 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन मतदान केंद्रों में शत-प्रतिशत मतदान हुआ। इसी तरह से बिंद्रानवागढ़ के मतदान केंद्र क्रमांक 77 आमामोरा एवं मतदान केंद्र 76 ओढ़ में मतदान दल नदी नाले पार करके 8 किमी पैदल चलकर मतदान कराने पहुंचा। आमामोरा में मतदान 80 प्रतिशत और ओढ़ में 79.33 प्रतिशत हुआ।

सरकार के 10 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
भूपेश बघेल सरकार के 10 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इनमें भूपेश बघेल (पाटन), टीएस सिंहदेव (अंबिकापुर), रविंद्र चौबे (साजा), अमरजीत भगत (सीतापुर), अनिला भेंडिया (डौंडी लोहारा), शिव डहरिया (आरंग), जयसिंह अग्रवाल (कोरबा), ताम्रध्वज साहू (दुर्ग ग्रामीण), गुरु रुद्र कुमार (नवागढ़), उमेश पटेल (खरसिया) और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत (सक्ती) शामिल हैं।

नेता प्रतिपक्ष सहित 4 सांसद व 10 विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर
भाजपा से नेता प्रतिपक्ष सहित 4 सांसद व 10 विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। भाजपा से इस चरण में 4 सांसद डॉ. अरुण साव (लोरमी), गोमती साय (पत्थलगांव), विजय बघेल (पाटन) और रेणुका सिंह (सोनहत) के साथ ही 10 विधायकों में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल (जांजगीर-चांपा), अजय चंद्राकर (कुरुद), बृजमोहन अग्रवाल (रायपुर दक्षिण), शिवरतन शर्मा (भाटापारा), कृष्णमूर्ति बांधी (मस्तूरी), सौरभ सिंह (अकलतरा), रंजना दीपेंद्र साहू (धमतरी), ननकी राम कंवर (रामपुर), पुन्नूलाल मोहले (मुंगेली), धरमलाल कौशिक (बिल्हा) की प्रतिष्ठा दांव पर है। अब 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे का इंतजार रहेगा।

70 में से 51 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा
जिन 70 सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें से 51 सीटें कांग्रेस के कब्जे में हैं। 2018 के चुनाव में मरवाही विधानसभा सीट जोगी कांग्रेस के पास थी। पूर्व सीएम अजीत जोगी की मौत के बाद हुए उप चुनाव में वह सीट भी कांग्रेस के खाते में चली गई।

प्रदेश की जनता ने 'सकारात्मकता' को चुना है : सीएम बघेल
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था, 'षड्यंत्र' रचा जाता है, भरोसा जीता जाता है। आज छत्तीसगढ़ की जनता ने जो आशीर्वाद दिया है, उसके आगे हम सब नतमस्तक हैं। प्रदेश की जनता ने 'नकारात्मकता' को छोड़ 'सकारात्मकता' को चुना है। नई सरकार के साथ छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक उत्थान और जन समृद्धि का दूसरा चरण शुरू होगा।

अब छत्तीसगढ़ ने सिर्फ बदलने का मन बना लिया है: डॉ. रमन
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि सुना है ढाई-ढाई साल वाले दोनों मुंगेरीलाल मुख्यमंत्री पद के सपने देख रहे हैं। अरे भाई! यह तय करो कि दोनों में हार की जिम्मेदारी कौन लेने वाला है? क्योंकि 2 हफ्ते बाद न राजपाट बचेगा और न संगठन। अब छत्तीसगढ़ ने सिर्फ बदलने का ही नहीं बल्कि कुशासन को बुरी तरह पटखनी देने का भी मन बना लिया है।

चुनाव दर चुनाव बढ़ता गया कांग्रेस का वोट प्रतिशत
राज्य बनने के बाद से कांग्रेस का वोट प्रतिशत चुनाव दर चुनाव बढ़ता ही गया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अपना यह प्रदर्शन इस बार बरकरार रख पाती है कि नहीं। वर्ष 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 36.8 फीसदी था, वहीं भाजपा का वोट शेयर 39.26 प्रतिशत था। वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़कर 38.63 फीसदी हो गया, जबकि इस दौरान भाजपा का भी वोट प्रतिशत बढ़कर 40.33 प्रतिशत रहा। वर्ष 2013 में हुए चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत फिर बढ़कर 40.29 फीसदी हो गया। वहीं भाजपा का भी वोट शेयर बढ़कर 41.04 प्रतिशत हो गया, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपना वोट प्रतिशत 43 फीसदी तक पहुंचा दिया। वहीं भाजपा का वोट शेयर घटकर 32.8 प्रतिशत रह गया।

tranding
tranding
tranding