0 लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा- चुनाव आयोग को डायरेक्ट कर रही, इसके जरिए लोकतंत्र खत्म कर रही
नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधार (एसआईआर) पर कहा कि आरएसएस और भाजपा देश की संस्थाओं पर कब्जा कर रही है। इनमें चुनाव आयोग, ईडी, ईडी, सीबीआई, आईबी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट शामिल हैं। इससे साफ है कि भाजपा चुनाव आयोग को डायरेक्ट कर रही है। इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है।
बीजेपी लोकतंत्र को डैमेज कर रही
राहुल ने कहा कि सीजेआई को सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया से हटाया गया। मैं बैठा था, एक तरफ पीएम मोदी और अमित शाह बैठे थे और दूसरी तरफ मैं। किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। दिसंबर 2023 में नियम बदल यह प्रावधान किया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता। यह 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया। सीसीटीवी और डेटा को लेकर नियम बदले गए। सत्ता के साथ चुनाव आयोग का तालमेल है। यह डेटा का सवाल नहीं, चुनाव का सवाल है। मेरे पास इसके सबूत हैं। बीजेपी लोकतंत्र को डैमेज करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है।
देश भी फेबरिक है, जो 1.4 बिलियन लोगों से बना
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि खादी भारत के लोगों के एक्सप्रेशन का हिस्सा है। आज मैंने खादी पहना है। बनारसी-कांजीवरम साड़ी, हिमाचली टोपी और भी दूसरे कपड़े। ये भारत के लोगों को दर्शाते हैं। ये उनके ट्रेडीशन को दर्शाते हैं। ये फेबरिक बहुत सुंदर हैं, लेकिन अब गहराई से देखते हैं तो पाते हैं कि हर एक फेबरिक में हजारों थ्रेड हैं। ऐसा नहीं है ये एक थ्रेड दूसरे से ज्यादा बड़ा है। ये सभी एक साथ हैं। इसी तरह हमारा देश भी फेबरिक है, जो 1.4 बिलियन लोगों से बना है। जो वोट से एक साथ है। हर बार हम देखते हैं, लोकसभा-राज्यसभा, देश के पंचायत-विधानसभा हम देखते हैं, अगर वोट नहीं होगा तो ये सब भी नहीं होंगे।
राहुल ने 3 मांग की, कहा-ईवीएम देखने दी जाए
1. मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से एक महीने पहले दी जानी चाहिए। 2. सीसीटीवी फुटेज डिस्ट्रॉय करने का नियम भी बदला जाना चाहिए। 3. हमें ईवीएम देखने के लिए दी जाए। वोट चोरी एंटी नेशनल काम है। हम महान लोकतंत्र हैं। सरकार चुनाव सुधार नहीं चाहती।
राहुल ने 3 सवाल पूछे
1. चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से सीजेआई को क्यों हटाया गया। 2. दिसंबर 2023 में कानून बदला कि चुनाव आयोक्त को दंडित नहीं किया जा सकता। ऐसा क्यों किया। 3. चुनाव के 45 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज क्यों डिलीट किए जाएं।
एसआईआर के बहाने एनआरसी वाला काम कर रहेः अखिलेश
सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर एसआईआर के बहाने अंदर ही अंदर एनआरसी वाला काम कर रहे हैं। यूपी के सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वो एसआईआर के बहाने कर रहे हैं।
एसआईआर वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया हैः बनर्जी
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि एसआईआर वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया है। चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने की अथॉरिटी नहीं है। चुनाव आयोग कह रहा है कि पांच लाख वोटर डिलीट, छह लाख वोटर डिलीट और बीजेपी जश्न मना रही है।
एसआईआर को लेकर कोई कानून नहीं हैः मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी कहा कि देश के 12 राज्यों में किया जा रहा एसआईआर गैरकानूनी है। संविधान में पूरे राज्य में एक साथ एसआईआर को लेकर कोई कानून नहीं है, इसे तत्काल रोकें। देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर करने पर रोक लगनी चाहिए, चुनाव ईवीएम की जगह बैलट पैपर से कराए जाने चाहिए।
विपक्ष के विरोध के बाद एसआईआर पर चर्चा तय की गई थी
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही विपक्ष एसआईआर और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा है। सत्र के पहले और दूसरे दिन यानी 1-2 दिसंबर को विपक्ष ने चर्चा कराने को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया था। जहां सरकार और विपक्ष ने 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे चर्चा को लेकर सहमति जताई थी।