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0  कहा-10 साल पहले 500 स्टार्टअप थे, आज 2 लाख,  21 लाख लोगों को रोजगार मिला
0 पीएम मोदी ने नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर संबोधित किया
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम है। 10 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जिसकी संख्या आज 2 लाख से ज्यादा है। नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर पीएम ने कहा कि भारत के युवाओं का फोकस रियल प्रॉब्लम सॉल्व करने पर है। हमारे यंग इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया। मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं।

पीएम मोदी ने ये बातें शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में स्टार्टअप इंडिया कैंपेन के 10 साल पूरे होने पर कही। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि आने वाले 10 सालों में भारत नए स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी में दुनिया का नेतृत्व करे।  पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की जर्नी आपके सपने साकार होने की यात्रा है। 10 साल पहले स्टार्टअप की गुंजाइश ही नहीं थी। हमने नौजवानों को खुला आसमान दिया और आज स्थिति हमारे सामने है। आज भारत दुनिया का थर्ड लार्जेस्ट इको सिस्टम है। 10 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे। आज यह संख्या 2 लाख से ज्यादा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि स्टार्टअप इंडिया ने देश में एक नए कल्चर को जन्म दिया है। पहले नया बिजनेस और नया वेंचर केवल बड़े-बड़े घरानों के बच्चे ही लाते थे। क्योंकि उन्हें ही आसानी से फंडिंग और सपोर्ट मिलता था। मिडिल क्लास और गरीब बच्चे सिर्फ नौकरी के ही सपने देख पाते थे। लेकिन स्टार्टअप इंडिया ने उन हालात को बदला। पीएम मोदी ने कहा कि जो देश एआई रेवलूशन में जितना आगे होगा, उतना ही आगे जाएगा। हमारे यंग स्टार्टअप को करना होगा। हमें नए प्रोडक्ट्स बनाने होंगे। टेक्नोलॉजी में भी नए काम कर बढ़त लेनी होगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आपके साथ सरकार खड़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि आपके करेज, कॉन्फिडेंस और इनोवेशन से भारत का भविष्य शेप ले रहा है। पिछले 10 सालों में देश ने क्षमताओं को साबित किया है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि आने वाले 10 साल में भारत नए स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी में दुनिया का नेतृत्व करे। पीएम मोदी ने कहा कि आज 45 प्रतिशत से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कोई महिला डायरेक्टर या पार्टनर है। महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप की फंडिंग के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन गया है।
श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन ने देश में एक नयी संस्कृति को जन्म दिया है। पहले नया कारोबार केवल बड़े-बड़े घरों के बच्चे ही लेकर आते थे क्योंकि उन्हें ही आराम से फंडिंग मिलती थी। गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे सिर्फ नौकरी की सोच सकते थे। स्टार्टअप इंडिया ने इसे बदल दिया। आज टीयर-2 तथा टीयर-3 शहरों और गांवों के बच्चे भी स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। आज 45 प्रतिशत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक की निदेशक या सहसंस्थापक महिला है। महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप को सरकार से साथ मिलने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमें वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य रखना होगा।
आप नये आइडिया पर काम करें, समाधान खोजने पर काम करें। आप विनिर्माण पर फोकस करें। आपके हर प्रयास में सरकार आपके साथ खड़ी है। मुझे आपकी क्षमता पर विश्वास है। हमारा लक्ष्य होना चाहिये कि आने वाले 10 साल में भारत नये स्टार्टअप ट्रेंड और प्रौद्योगिकी में दुनिया का नेतृत्व करे।
उन्होंने कहा कि पहले स्टार्टअप स्थापित कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा की सोच भी नहीं सकते थे। आज 200 स्टार्टअप अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे हैं। ड्रोन सेक्टर में पुराने पड़ चुके कानून हटाकर सरकार ने स्टार्टअप पर भरोसा किया। आज 35 हजार छोटी कंपनियां और स्टार्टअप जैम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि पूंजी के बिना सबसे अच्छे आइडिया भी बाजार तक नहीं पहुंच सकते। इसलिए सरकार ने स्टार्टअप के लिए पूंजी की व्यवस्था की है। स्टार्टअप को विभिन्न योजनाओं के तहत सीड फंडिंग दी जा रही है।

देश में आज दो लाख से अधिक स्टार्टअपः गोयल 
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2016 में जब स्टार्टअप इंडिया मिशन शुरू हुआ तो देश में सिर्फ 400 स्टार्टअप हुआ करते थे। आज उनकी संख्या दो लाख से अधिक हो चुकी है। अनुमान है कि इन स्टार्टअप्स ने अब तक 21 लाख लोगों को नौकरी दी है। वे आज 50 क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार ने साल 2016 में 10 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स बनाया था। पिछले बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के एक और फंड ऑफ फंड्स की घोषणा की गयी है। डीप टेक रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की घोषणा की गयी है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व आत्मविश्वास से भरपूर एक नये भारत की तरफ उम्मीद से देख रहा है। अनुमान है कि लगभग 100 देश भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ अपना नेटवर्क बनाना चाहते हैं।

2016 में लांच हुआ था स्टार्टअप इंडिया कैंपेन 
स्टार्टअप इंडिया कैंपेन को 16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री ने लॉन्च किया था। जिसका मकसद इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना और इन्वेस्टमेंट से होने वाली ग्रोथ को सक्षम बनाना है। पिछले एक दशक में देश भर में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स को मान्यता मिली है।

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