0 एके-47 के साथ पहुंचा, डेडलाइन में सिर्फ 7 दिन बचे
0 नक्सलवाद के ताबूत पर आखिरी कील
बीजापुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की डेडलाइन से करीब एक हफ्ते पहले बस्तर के अंतिम बड़े कैडर के नक्सली पापाराव ने सरेंडर कर दिया है। पापाराव अपने साथियों के साथ एके-47 समेत अन्य हथियार लेकर बीजापुर जिले के कुटरू थाने पहुंचा। यहां से बस सभी को लेकर जगदलपुर के लिए रवाना हुई।
पापाराव उर्फ मंगू (56) ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में डीकेएसजेडसीएम मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। अपने पास एके-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर भाग निकला था।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कवर्धा में कहा कि 'कुल 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें नक्सली पापा राव भी शामिल हैं। इनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। 8 एके-47, 1 एसएलआर, 1 इंसास सहित अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
पापाराव के सरेंडर से नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म है। देवा के सरेंडर करने के बाद अब पापाराव ही एक मात्र ऐसा नक्सली बचा था, जो फाइटर है। बाकी बचे हुए अन्य टॉप कैडर्स के नक्सली उम्र दराज हो चुके हैं। पापाराव के सरेंडर करते ही बस्तर से माओवाद का सफाया तय माना जा रहा है।
साल भर में ऐसे बिखरा संगठन
पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।
बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा था, जो लड़ाकू है।
पापाराव का सरेंडर करना अभियान की सफलता को दर्शाता हैः सीएम साय
नक्सली कमांडर पापाराव के सरेंडर की खबर के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प के चलते देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज हुआ है और इसका असर अब साफ नजर आ रहा है। सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 बहुत नजदीक है। ऐसे में पापा राव जैसे बड़े नक्सली कमांडर का सरेंडर करना अभियान की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पहले ही कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलवाद की कमर टूट रही है।
पापाराव के समर्पण के साथ लाल आतंक से मुक्त हो गया छत्तीसगढ़ः गृह मंत्री शर्मा
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ हम तकनीकी रूप से कह सकते हैं कि माओवाद का पूरा नेतृत्व समाप्त हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ अब लाल आतंक से मुक्त हो गया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कुल 18 नक्सलियों ने पापा राव के साथ पुनर्वास किया है, इनमें से 10 पुरुष हैं और 8 महिलाएं शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों से आठ एके-47, एक एसएलआर, एक इंसास के साथ अन्य ऐसे कई हथियार बरामद हुए हैं। गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव पर 25 लाख का इनाम है। उनके आत्मसमर्पण के बाद से इस स्तर का कोई भी नक्सली छत्तीसगढ़ में सक्रिय नहीं रह जाएगा।
छत्तीसगढ़ में हालिया बड़े नक्सली सरेंडर
0 जनवरी 2024 से अब तक 2,100 से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं, लेकिन इस सात बीते तीन महीनों में खासी सक्रियता देखने को मिली है। शासन-प्रशासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में इस साल नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें बड़ी नक्सली सरेंडर को यहा शामिल कर रहे हैे।
0 11 मार्च 2026: महासमुंद और बस्तर में 3.95 करोड़ रुपये के कुल इनाम वाले 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिसमें 6 डिवीजनल कमेटी सदस्य भी शामिल थे।
0 1 मार्च 2026: महासमुंद में 25 लाख के इनामी नक्सली विकास उर्फ सुदर्शन (ओसा स्टेट कमेटी सदस्य) समेत 15 नक्सलियों ने हथियार डाले।
0 फरवरी 2026: कांकेर जिले में बीएसएफ कैंप के सामने 25 लाख के इनामी नक्सली कमांडर मल्लेश ने एके-47 के साथ सरेंडर किया। इन नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास और सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
2025 में नक्सली घटना पर नजर
सरेंडर नक्सलीः 1562
गिरफ्तार नक्सलीः 884
बरामद आईईडी की संख्याः 875
नक्सलियों से बरामद हथियारः 645
एनकाउंटर में ढेर नक्सलीः 256
पुलिस-नक्सली मुठभेड़ः 99
शहीद जवानः 23
नक्सलियों द्वारा आम आदमी की हत्याः 46