0 काफी मशक्कत के बाद 3 घंटे में आग पर काबू पाया गया
0 पीएम मोदी ने जताया शोक
रायवरम (आंध्रप्रदेश)। आंध्रप्रदेश के मरकापुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसे में एक प्राइवेट ट्रैवल बस और डंपर के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही बस में आग लग गई और देखते ही देखते बस में सवार 13 यात्री जिंदा जल गए। वहीं 22 लोग घायल हो गए। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने लोगों की मौत पर दुख जताया।
अधिकारियों ने बताया कि हरिकृष्णा ट्रैवल्स की बस तेलंगाना के निर्मल से नेल्लोर जा रही थी। हादसा सुबह 6 बजे के करीब हुआ। जोरदार टक्कर के कारण ट्रक पलट गया और बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रहस्त हो गया। टक्कर के बाद बस ट्रक के डीजल टैंक से टकरा गई, जिससे तुरंत आग लग गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर करीब तीन घंटे में काबू पाया गया।
मरकापुरम के एसपी वी हर्षवर्धन राजू ने बताया कि डंपर ड्राइवर समेत 22 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस में 35 यात्री सवार थे। घटना की पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
पीएम मोदी ने मृतकों के लिए घोषित की सहायता राशि
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सड़क हादसे पर शोक जताते हुए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने इस घटना से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से सहायता राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पीएमएनआरएफ से हर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए सहायता राशि दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गये एक संदेश में कहा कि आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले में हुआ हादसा दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों, यही मेरी कामना है। उन्होंने कहा कि हादसे के बारे में अभी और जानकारी सामने आ रही है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिये हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारी स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं और प्रभावित लोगों को ज़रूरी मदद पहुंचा रहे हैं। इस घटना के बाद राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों के अधिकारी हालात पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि राहत उपाय जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों तक पहुंचें।