Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 किसानों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के हित में मुख्यमंत्री साय की महत्वपूर्ण घोषणाएं
0 जलेश्वर महादेव धाम के विकास के साथ क्षेत्रीय अधोसंरचना को मिलेगा विस्तार
0 क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

पंडरिया/कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत डोंगरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पंडरिया भावना बोहरा, विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे पवित्र धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाले प्रेरणा स्थल भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से नहर विस्तारीकरण कार्य कराने की घोषणा की। इस परियोजना से लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने खरहट्टा से डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के उन्नयन कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा।

उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के डोंगरिया गांव स्थित जलेश्वर महादेव धाम स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह शिवधाम विशेष रूप से सावन माह, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहाड़ी और नदी-घाट के रमणीय वातावरण में स्थित यह धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विशेष पहचान रखता है।

क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ