0 ओवरटाइम घोटाले में अनवर ढेबर ने मांगी बेल
0 सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास को जमानत दे दी है। निरंजन पूर्व आबकारी आयुक्त रहे हैं। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, निरंजन सिंडिकेट का अहम हिस्सा था।
किस जिले में कौन अधिकारी रहेगा, किसकी शराब बिकेगी और किस ब्रांड की सप्लाई होगी, यह सब तय करने का काम निरंजन करता था। इस घोटाले में उसे 30 करोड़ से ज्यादा का कमीशन मिला। सुनवाई के दौरान कोर्ट में ये बताया गया कि, निरंजन ने आबकारी नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई और उससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया था।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) से जुड़े भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन मामले में कारोबारी अनवर ढेबर ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है। इस पर डिवीजन बेंच ने अनवर की याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से इस मामले में 3 जून तक जवाब मांगा है। इससे पहले 13 मई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनवर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में क्या बताया गया
सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि, निरंजन दास पर राज्य की आबकारी नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने और उससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप हैं। जिसके आधार पर गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में निरंजन दास जमानत की शर्तों में ढील देने के लिए आवेदन कर सकते हैं।