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0 दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म करने में सक्षम
हैदराबाद। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने मंगलवार को एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 का सफल टेस्ट किया है। यह टेस्ट वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई फाइटर जेट से किया गया। ये मिसाइल हवा से जमीन में 300 किमी की तक की रेंज में दुश्मन को खत्म करेगी।
रुद्रम-2 मिसाइल को दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम और रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बनाया गया है। यह मिसाइल दुश्मन के रडार बंद होने पर भी उसे खोजकर खत्म करेगी।

रुद्रम-2 के 2 अलग-अलग मिशन
0 ग्राउंड अटैकः इस मोड में मिसाइल दुश्मन के बंकर, एयरस्ट्रिप, भूमिगत एयरक्राफ्ट हैंगर, रडार और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमला कर सकती है।
0 एंटी-रेडिएशनः  इस भूमिका में इसका प्रमुख टारगेट रडार स्टेशन, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी केंद्र, कम्युनिकेशन और जैमिंग सिस्टम होते हैं।

रुद्रम-2 दुश्मन के एयर डिफेंस को कमजोर करती है
किसी भी देश की हवाई सुरक्षा काफी हद तक उसके रडार सिस्टम पर निर्भर करती है। रडार ही दुश्मन के विमान, मिसाइल और ड्रोन का पता लगाकर सेना को समय रहते चेतावनी देते हैं। रुद्रम-2 का मुख्य काम ऐसे रडार सिस्टम को खोजकर नष्ट करना है। जब रडार और निगरानी उपकरण नष्ट हो जाते हैं, तो दुश्मन के लिए आसमान में हो रही गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। इससे उसकी हवाई सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है और भारतीय फाइटर जेट के लिए हमला करना आसान और सुरक्षित हो जाता है।सैन्य भाषा में दुश्मन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करने वाले ऐसे अभियान को एसईएडी (सप्रेशन ऑफ एनिमी एयर डिफेंस) कहा जाता है। सरल शब्दों में, इसका मतलब है दुश्मन की आंखें और कान बंद कर देना, ताकि वह हवाई हमलों का समय पर पता न लगा सके।

रडार बंद करने पर भी नहीं बचेगा टारगेट
आमतौर पर जब दुश्मन को पता चलता है कि उसकी तरफ एंटी-रेडिएशन मिसाइल आ रही है, तो वह अपना रडार बंद कर देता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मिसाइल को सिग्नल मिलना बंद हो जाए और वह लक्ष्य तक न पहुंच सके। लेकिन रुद्रम-2 जैसी आधुनिक मिसाइलों के सामने यह तरीका ज्यादा असरदार नहीं है। मिसाइल में मौजूद आईएनएस (इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम) और सैटनेव (सैटेलाइट नेविगेशन) तकनीक उसे लक्ष्य की आखिरी लोकेशन याद रखने में मदद करती है। यानी अगर दुश्मन आखिरी समय में रडार बंद भी कर दे, तब भी रुद्रम-2 उसकी अंतिम ज्ञात स्थिति तक पहुंचकर हमला कर सकती है। इसलिए केवल रडार बंद कर देने से इस मिसाइल से बचना आसान नहीं होगा।

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