पुरी मंदिर को भगवान जगन्नाथ से जुड़े तीन नामों आनंद बाजार, श्री पतितपावन, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन का मिला पेटेंट
पुरी। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 12वीं सदी के इस मंदिर से जुड़े कुछ खास शब्दों और लोगो (चिह्नों) के लिए पेटेंट हासिल कर लिया है। मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने बुधवार को बताया कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 'आनंद बाजार', 'श्री पतितपावन' और 'श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन' जैसे तीन नामों के लिए पेटेंट हासिल कर लिया है।
हमें इस बारे में 'इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया' से पुष्टि मिल गई है। उन्होंने बताया कि मंदिर ने श्री जगन्नाथ संस्कृति और मंदिर से जुड़ी 29 चीज़ों के लिए 'इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया' से पेटेंट की मंज़ूरी मांगी है। हालांकि, उन्होंने तीन के लिए वर्डमार्क और लोगो को मंज़ूरी दे दी है।
इस कारण पेटेंट कराए गए
कानूनी सुरक्षा: अनधिकृत उपयोग और परंपराओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
अन्य प्रस्तावित नाम: इसके अलावा श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 'महाप्रसाद', 'श्री मंदिर', 'जगन्नाथ धाम', 'श्रीक्षेत्र' और 'पुरुषोत्तम क्षेत्र' सहित 26 अन्य शब्दों और प्रतीकों के लिए भी आवेदन किया है, जिनकी मंजूरी की प्रक्रिया जारी है।
विवाद पर विराम : पश्चिम बंगाल में 'दिघा जगन्नाथ धाम' के नाम पर हुए विवाद के बाद, पुरी मंदिर प्रशासन ने जगन्नाथ संस्कृति से जुड़े शब्दों के कानूनी संरक्षण के प्रयास तेज किए हैं। इस मंजूरी के साथ ही मंदिर की विरासत, उसकी मान्यताओं और महाप्रसाद जैसे पवित्र शब्दों की प्रामाणिकता संरक्षित हो गई है। आप 'इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया' पर जाकर ट्रेडमार्क और पेटेंट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।