0 39 सेकंड में आए 2 बड़े झटके, 60 सेकंड तक शहर हिलता रहा
0 कई गगनचुंबी इमारतें जमीदोंज
0 मरने वालों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है
0 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी
0 पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश होने से लोग घरों में छुट्टियां मना रहे थे
कराकस/ला ग्वाइरा। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 39 सेकंड में दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक अब तक 164 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 971 घायल हैं। भूकंप से कराकस व ला ग्वाइरा में कई इमारतें जमीदोंज हो गई हैं। मलबा हटाने के बाद मरने वालों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भूकंप के बाद 60 सेकंड तक शहर हिलता रहा। 20 ऑफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं।
वेनेजुएला में बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे। दोनों भूकंप राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में आए। इससे कई शहरों में इमारतें गिर गईं या खतरनाक तरीके से झुक गईं। कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का गुबार उठता दिखाई दिया।
ये भूकंप ऐसे दिन आए, जब पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश था। 1821 में स्पेन के खिलाफ आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक जीत की सालगिरह पर स्कूल और दफ्तर बंद थे। इसी वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद थे।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार राजधानी काराकस से लेकर तटीय शहर कैटिया ला मार तक पूरे देश में इमारतें गिरने की खबर है। वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष के अनुसार, अब तक तटीय राज्य ला गुएरा सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुश्री रोड्रिगेज ने खोज और बचाव के लिए एक विशेष टास्क फोर्स की घोषणा की। देश भर में स्कूलों में कक्षाएं एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गयी हैं, और रेल सेवाएं और गैर-जरूरी गतिविधियां अस्थायी रूप से रद्द कर दी गयी हैं। काराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद है। वेनेजुएला के सुरक्षा बलों सहित सैकड़ों कर्मचारी अब संकट से निपटने के लिए मौके पर मौजूद हैं।
126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी
वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया।
अमेरिका, भारत समेत कई देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया
भूकंप के बाद अमेरिका, भारत समेत कई देशों ने इस आपदा में वेनेजुएला की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ‘मदद के लिए तैयार और सक्षम है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ‘तुरंत वेनेजुएला में खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता भेज रहा है।’ कोलंबिया, मैक्सिको, पेरू, अर्जेंटीना, भारत, तुर्की और पनामा सहित कई अन्य देशों ने संवेदना और सहायता की पेशकश की है। राष्ट्रपति सुश्री रोड्रिगेज के मुताबिक अमेरिका, पनामा, कतर, क्यूबा, निकारागुआ, तुर्की, जॉर्डन, कोलंबिया, बारबाडोस, इंगलैंड, ब्राजील और मेक्सिको तुरंत वेनेजुएला का सहयोग करने के लिए आगे आए। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी वेनेजुएला सरकार से संपर्क किया और प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद करने का आश्वासन दिया है।
वेनेजुएला में 1900 के बाद सबसे बड़ा भूकंप
वेनेजुएला या उसके आसपास के तटीय क्षेत्र में 7.5 तीव्रता वाला भूकंप पिछले 100 से अधिक साल में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का सैन नार्सिसो भूकंप आया था। उसका केंद्र भी कैरेबियाई तट के पास था। उस भूकंप में कराकस की कई चर्च, सरकारी इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। यूएसजीसी के अनुसार उसमें 21 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस समय द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 300 इमारतें ढह गई थीं और बड़ी संख्या में लोगों को लंबे समय तक तंबुओं में रहना पड़ा था।
'अर्थक्वेक डबलट' क्या है
दोनों भूकंप बहुत कम समय और बहुत कम दूरी के भीतर आए। वैज्ञानिक ऐसी घटना को अर्थक्वेक डबलट कहते हैं। इसमें दो बड़े भूकंप लगभग एक ही इलाके में और कुछ सेकंड या मिनट के अंतराल पर आते हैं। ऐसे मामलों में दूसरा भूकंप अक्सर पहले से अधिक नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि पहली घटना से कमजोर हो चुकी इमारतें दूसरे झटके में ढह जाती हैं।
27 साल पहले हुए भूस्खलन में ला ग्वाइरा शहर में 15 हजार लोग मारे गए थे
बुधवार को आए दोनों शक्तिशाली भूकंपों का सबसे ज्यादा असर ला ग्वाइरा शहर में दिखाई दिया। यह वेनेजुएला की राजधानी कराकस के पास स्थित एक पोर्ट सिटी है। साल 1999 में यहां मूसलाधार बारिश के बाद भीषण भूस्खलन हुआ था। पहाड़ियों पर बनी बस्तियां मलबे में दब गई थीं और कम से कम 15 हजार लोगों की मौत हुई थी। उस समय यह हादसा तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के सत्ता संभालने के कुछ ही महीनों बाद हुआ था। अभी यह जो हादसा हुआ है वह डेल्सी रोड्रिगेज के कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के कुछ महीने बाद हुआ है।
अमेरिकी देशों के संगठन का मदद का भरोसा
ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (ओएएस) के महासचिव अलबर्ट रामदीन ने वेनेजुएला में आए भूकंप को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि अभी भी हमें काफी नुकसान की जानकारी नहीं है, लेकिन पूरे गोलार्ध का समुदाय वेनेजुएलाई समुदाय के साथ खड़ा है। हम हर तरह की मदद करेंगे।