0 3 आतंकी ढेर करने वाले कर्नल को शौर्य चक्र मिला, राष्ट्रपति ने सम्मानित किया
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। सम्मान पाने वालों में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा भी रहे, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
वहीं, एलओसी पर 3 आतंकियों को मार गिराने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला भी शामिल है। इसके अलवा अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सैन्य अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी यह सम्मान मिला। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
शहीद बेटे को कीर्ति चक्र, राष्ट्रपति के गले लगकर रो पड़ीं मां
सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लेने मंच पर पहुंचीं उनकी मां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गले लगकर भावुक हो गईं।प्रवीण प्रभाकर जुलाई 2024 में जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान शहीद हुए थे। मुठभेड़ में उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया था।
ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले में हिस्सा लिया था। इस अभियान में दिखाई गई बहादुरी के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। मनीष अरोड़ा इससे पहले शौर्य चक्र भी प्राप्त कर चुके हैं।
मेजर आशीष कुमार
7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनकी अगुआई में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया और अभियान पूरा किया।
इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख
छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व किया था। नक्सलियों के हमले के बीच उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा चली मुठभेड़ में मोर्चा संभाला, घायल जवानों को सुरक्षित निकाला और अभियान को सफल बनाया।
29 वीरों को मिला शौर्य चक्र
नाम पद/यूनिट
लक्ष्मण केवट, रामेश्वर प्रसाद देशमुख इंस्पेक्टर, पुलिस
नितेश भारती शुक्ला लेफ्टिनेंट कर्नल, 19 सिख
आदित्य प्रताप सिंह मेजर, राजपूताना राइफल्स /44 असम राइफल्स
आशीष कुमार मेजर, 7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
संजय तिवारी, फेडा हुसैन डार कॉन्स्टेबल (GD)
मोहम्मद शफीक डिप्टी कमांडेंट, 26 असम राइफल्स
सूरज प्रशार लेफ्टिनेंट कमांडर, भारतीय नौसेना
राम गोयल सी-II (अब LS), भारतीय नौसेना
सदाम हुसैन कॉन्स्टेबल/GD, CRPF
विपिन विल्सन असिस्टेंट कमांडेंट, 20वीं बटालियन CRPF
भोजा राम साहू राइफलमैन, 3 असम राइफल्स
अभिमन्यु सिंह विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन), वायुसेना
मार्गद कलिता मेजर, 50 राष्ट्रीय राइफल्स
लीरांगथेम दीपक सिंह मेजर, 11 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
अंशुल बलूट मेजर, 32 असम राइफल्स
शिवकांत यादव मेजर, 5 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
पीएच मोर्स सूबेदार, 1 असम राइफल्स
मेजर विवेक 42 राष्ट्रीय राइफल्स
मंगलम सांग वेफेंई राइफलमैन, 3 असम राइफल्स
घाटगे आदित्य श्रीकुमार लेफ्टिनेंट कर्नल, 21 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
योगेंद्र सिंह ठाकुर कैप्टन, 6 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
रामेश्वर सिंह सूबेदार, 4 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
राहुल सिंह लांस नायक (अब नायक), 4 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)
धुर्वा ज्योति दत्ता राइफलमैन, 33 असम राइफल्स
दिलना के, रूपा ए लेफ्टिनेंट कमांडर, भारतीय नौसेना
बलदेव चंद (मरणोपरांत) लांस दफादार, 4 राष्ट्रीय राइफल्स