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0 कंपनियों को सरकार का आदेश; माना- इससे माइलेज घटा
नई दिल्ली। 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से गाड़ी खराब होने पर कंपनियां फ्री में पार्ट्स बदलेंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ई20 फ्यूल से प्रभावित पुरानी गाड़ियों (2023 से पहले की) के पार्ट्स को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बदलें।

उन्होंने ई20 फ्यूल से सोशल मीडिया पर गाड़ियों के खराब होने या नुकसान की खबरों को पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि यह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया एक झूठा नैरेटिव है। हालांकि, उन्होंने पुरानी गाड़ियों का माइलेज कम होने की बात मानी है।

सोशल मीडिया पर चल रही खबरें मनगढ़ंत और झूठी
गडकरी ने एथेनॉल से गाड़ियां खराब होने के दावों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुझे एक भी ऐसी कार दिखाएं जो ई20 फ्यूल की वजह से खराब हुई हो या जिसे कोई नुकसान पहुंचा हो। सोशल मीडिया पर जो कुछ भी चलाया जा रहा है, वह एक सोची-समझी रणनीति के तहत तैयार किया गया झूठा नैरेटिव है। अब तक ऐसी कोई भी कार नहीं मिली है, जो इस ई20 पेट्रोल के कारण बंद पड़ी हो। 

सर्विसिंग के दौरान मुफ्त बदले जाएंगे रबर वॉशर्स
गडकरी ने कहा कि सर्विसिंग के लिए जाने वाली पुरानी कारों में पहले वॉशर्स मेटल (धातु) के बने होते थे, जबकि अब ये रबर के बनाए जा रहे हैं। हमने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सर्विसिंग के दौरान ग्राहकों से बिना कोई एक्स्ट्रा चार्ज लिए इन वॉशर्स को बदला जाए।

परफॉर्मेंस में पेट्रोल से बेहतर
श्री गडकरी ने कहा कि एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर हाई होता है और इसमें एंटी-नॉकिंग प्रॉपर्टीज यानी इंजन में आवाज न होने देने की क्षमता बेहतर होती है। मैं 2004 से इसे प्रमोट कर रहा हूं।

कम माइलेज की वजह
ई20 पेट्रोल से माइलेज थोड़ा कम होता है, क्योंकि पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू (यानी ऊर्जा क्षमता) कम होती है।

ट्रैफिक का असर
 दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में ट्रैफिक में रुक-रुककर चलने से गाड़ियां निचले गियर में चलती हैं, जिससे माइलेज गिरता है, लेकिन हाईवे पर लगातार 100 किमी/घंटा की स्पीड पर अंतर दिखेगा।

फ्लेक्स इंजन में दिक्कत नहीं
एआरएआई की रिपोर्ट के मुताबिक, खास तौर पर बने फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों में माइलेज की कोई समस्या नहीं है। देश की करीब 12 कंपनियां अब फ्लेक्स मॉडल पर काम कर रही हैं।

ब्राजील मॉडल और 75 की कीमत
ब्राजील 1970 से 27% एथेनॉल ब्लेंड का इस्तेमाल कर रहा है। सरकार का लक्ष्य जनता को अलग-अलग कीमतों पर फ्यूल ब्लेंड्स का विकल्प देना है। अभी एथेनॉल की कीमत करीब 75 रुपए प्रति लीटर है।