0 कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते गर्भगृह में पहुंचे
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदेश में खाद-बीज संकट के मुद्दे पर शून्यकाल में विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। विपक्ष ने सरकार पर किसान विरोधी होने के साथ किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते गर्भगृह में पहुंचकर स्वमेव निलंबित हो गए।
शून्यकाल में स्थगन की सूचना देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों से जुड़ी समस्याएं, खाद और उन्नत बीज की कमी को लेकर कहा कि खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। खाद का कोटा भी कम किया गया है। बारिश भी कम हुई है, जिससे बोनी भी पिछड़ी हुई है। किसान खाद के लिए भटकते रहे, खाद्य सोसायटी मे उपलब्ध नहीं था, लेकिन व्यापारियों के पास उपलब्ध है। किसानों को लुटा जा रहा, बिजली की कटौती की जा रही है।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि डीएपी, पोटाश जैसे खाद नदारद है, किसान कृषि विभाग के कुप्रबन्धन का शिकार हो गए हैं। कई व्यापारियों ने खाद को खपाने के लिए जिस तरह दलाली शुरू कर दी है, वो चिंता का विषय है। किसानों पर चौतरफा प्रहार हो रहा है।
इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। खाद और बीज की पर्याप्त उप्लवधता सुनिश्चित कर ली गई है। प्रदेश में उर्वरक का लक्ष्य 15.55 लाख मीटिक टन के विरुद्ध लक्ष्य का 90 प्रतिशत लगभग 14 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लिया गया है। मांग के विरुद्ध 96 प्रतिशत बीजों का भंडारण कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक श्रोत जैसे एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट की भी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पिछली बार के मुकाबले इस बार 96 हजार मीट्रिक टन ज्यादा उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। खाद के 94 नमूने जहां से अमानक पाए गए उनपर कार्रवाई भी की है।
इस पर कृषि मंत्री नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन में नारेबाजी करना शुरू कर दी। इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से भी नारे लगाए जाने लगे। इस बीच विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। गर्भगृह में पहुंचने से विपक्ष के सभी विधायक स्वतः निलंबित हो गए। निलंबन के बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन से बाहर निकल गए।