0 ऑटो सेक्टर से पीएम मोदी का आह्वान, वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार करें, उठाए एफटीए का लाभ
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि हाल में विभिन्न देशों के साथ की गयी मुक्त व्यापार संधियों (एफटीए) से भारतीय वाहन उद्योग की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने भारतीय वाहन उद्योग से नवाचार, उत्कृष्टता और विकसित भारत की ओर ठोस कदम बढ़ाने की अपील की।
पीएम मोदी गुरुवार को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के वार्षिक समारोह में भेजे संदेश में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बाद जहां वैश्विक ऑटोमोबाइल सेक्टर कराह रहा है, वहीं भारतीय बाजार में पैसेंजर कारों व दोपहिया वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। ऐसे में पीएम नरेन्द्र मोदी ने ऑटो उद्योग से आह्वान किया है कि वह मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का पूरा लाभ उठाए और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साहसिक कदम उठाए।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की मोबिलिटी सेक्टर ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा विविधीकरण, प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण से प्रेरित परिवर्तन से गुजर रही है। ऐसे में इस उद्योग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इस समारोह में भारत की सभी दिग्गज आटो कंपनियों ने अपनी दशा व दिशा पर आपस में और सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विमर्श किया।
भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में एक
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है। अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ मोबिलिटी की मांग भी बढ़ रही है। राजमार्गों और अन्य बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार लोगों और सामानों की आवाजाही को आसान बना रहा है तथा आटो उद्योग के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
पीएम मोदी ने जोर दिया कि बेहतर कनेक्टिविटी और कुशल लॉजिस्टिक्स से लागत घट रहा है व मैन्यूफैक्चरिंग लगातार प्रतिस्पर्द्धी होती जा रही है। इससे ऑटो सेक्टर मजबूत हो रहा है और देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान दे रहा है।
सियाम के अध्यक्ष ने बताया आंकड़ा
पीएम के संदेश से पहले सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने आंकड़ों के साथ बताया कि कैसे आटो उद्योग देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बना हुआ है। क्षेत्र का कुल योगदान देश की इकोनमी में 22.75 लाख करोड़ रुपये सालाना से अधिक है और यह देश के जीएसटी संग्रह का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा देता है। उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है तथा कई औद्योगिकी क्षेत्रों की सेहतर सीधे तौर पर इससे जुड़ी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में यात्री वाहन खंड ने 46 लाख यूनिट की अब तक की सर्वाधिक बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष से 7.9 प्रतिशत अधिक है। इस श्रेणी से निर्यात भी 9.1 लाख यूनिट के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिसमें 17.5 प्रतिशत वृद्धि हुई।
अगले साल से और मजबूत होती वाहन सुरक्षा व्यवस्थाः गडकरी
सियाम के सालाना सम्मेलन के एक अन्य सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार अक्टूबर 2027 से भारत एनसीएपी 2.0 लागू करेगी। एनसीएपी यानी भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम वर्ष 2023 में सरकार की तरफ से लांच प्रोग्राम है वाहनों को उनकी सुरक्षा के आधार पर रेटिंग करती है। यह कारों (3.5 टन तक) की क्रैश करके उन्हें शून्य से पांच के बीच रेटिंग देती है। सरकार की मंशा इस व्यवस्था को और सख्त बनाने की है ताकि कार कंपनियों भारत में भी ज्यादा सुरक्षित वाहनों का निर्माण करें। गडकरी ने कहा कि नई व्यवस्था मौजूदा व्यवस्था की पूरी समीक्षा के आधार पर तैयार होगी जो देश में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही गडकरी ने यह भी बताया कि जनवरी 2027 से नए स्वच्छ ईंधन मानक भी लागू होंगे। श्री गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार है। यहां वाहन परीक्षण का समय और लागत वैश्विक स्तर के 2.5 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है। उन्होंने आगे कहा कि, “हर साल पांच लाख दुर्घटनाएं होती हैं और 1.80 लाख मौतें होती हैं। ज्यादातर पीड़ित 18-36 वर्ष आयु वर्ग के हैं। ये आंकड़े किसी भी कीमत पर कम करने होंगे। भारत एनसीएपी 2.0 के तहत भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नई तकनीकों का उपयोग होगा। ड्राइवर व्यवहार सुधारने के लिए लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र में ग्रेडेड प्वाइंट सिस्टम लाया जाएगा। वाहन नियमों को तोड़ने संबंधी अपराधों पर अंक कटेंगे और एक निश्चित सीमा पार करने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की व्यवस्था होगी। जबकि अच्छे ड्राइवरों को बीमा कंपनियों से प्रोत्साहन मिलेगा।